
सागर। मध्यप्रदेश के संभागीय मुख्यालय सागर मे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के ईएनटी विभाग ने “एग्रेसिव फंगल साइनोसाइटिस” जैसी दुर्लभ और जानलेवा बीमारी से जूझ रहे एक मरीज का ऑपरेशन कर न केवल उसकी जान बचाई, बल्कि उसकी आंखों की रोशनी को भी खोने से रोक लिया। एक पुरुष पिछले 2-3 महीनों से बाईं आंख में तेज दर्द, चेहरे पर सूजन और धुंधला दिखाई देने की समस्या से परेशान था। धीरे-धीरे संक्रमण इतना बढ़ गया था कि उसकी आंख का आकार बाहर की ओर निकलने लगा था। जांच (CT स्कैन और MRI) में पाया गया कि नाक के भीतर फैला फंगल संक्रमण आंख की मांसपेशियों और आई-बॉल पर भारी दबाव बना रहा था, जिससे मरीज के पूरी तरह अंधा होने का खतरा पैदा हो गया था।मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए ईएनटी विशेषज्ञों ने तत्काल सर्जरी का निर्णय लिया। आधुनिक एफ ई एस एस (फंक्शनल एंडोस्कोपिक साइनस सर्जरी) और ऑर्बिटल डीकंप्रेसन तकनीक का उपयोग करते हुए नाक के रास्ते से ही सारा संक्रमित फंगल मास सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस सफल प्रक्रिया से आंख पर पड़ रहा दबाव तुरंत कम हो गया। ऑपरेशन के बाद अब मरीज की दृष्टि में सुधार है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। इस जटिल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में ईएनटी विभाग से डॉ. रीमा गोस्वामी, डॉ. दिनेश जैन, डॉ. सादिया आफरीन, डॉ. श्वेतांक और डॉ. निधि तथा एनेस्थीसिया टीम से डॉ. अजय सिंह शामिल रहे।
