
इंदौर:नगर निगम शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर लगातार कार्रवाई का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है. नगर निगम की कार्रवाई फिलहाल ठेले और रेहडी लगाने वाले छोटे व्यापारियों तक ही सीमित नजर आ रही है, जबकि शहर के कई बड़े अतिक्रमण आज भी बेखौफ जारी हैं.
हैरानी की बात यह है कि नगर निगम मुख्यालय से महज करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक व्यस्त चौराहे पर कई दुकानदारों द्वारा खुलेआम अतिक्रमण किया गया है. दुकानों के बाहर फुटपाथ तक सामान फैलाकर व्यापार किया जा रहा है, जिससे पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
फुटपाथ बना दुकान, सड़क बनी पार्किंग
स्थिति यह है कि फुटपाथ पर व्यापार होने से राहगीरों के लिए रास्ता तक नहीं बचा. वहीं दुकानों पर आने वाले ग्राहकों के वाहन सड़क पर खड़े हो जाते हैं, जिससे पूरे चौराहे का ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है. दिनभर यहां जाम जैसे हालात बने रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं.
खबरों में, फिर भी कार्रवाई नहीं
इस मामले को पहले भी नवभारत में उठाया था इस दौरान एडिशनल कमिश्नर आकाश सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था जिसके बाद भी इस पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई होती नहीं दिखाई दी.
जवाब देने से भी बचते अधिकारी
इस पूरे मामले में जानकारी लेने के लिए जब इंदौर नगर निगम के एडिशनल कमिश्नर से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मुलाकात करना तक उचित नहीं समझा. नगर निगम लगातार शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के दावे कर रहा है, लेकिन सवाल अब भी वही है- क्या कार्रवाई सिर्फ कमजोर और छोटे व्यापारियों तक ही सीमित रहेगी, या बड़े अतिक्रमणकारियों पर भी निगम का बुलडोजर चलेगा
