कोलंबो | श्रीलंका के जाफना स्थित चेम्मनी इलाके में एक कथित सामूहिक कब्र से मानव अवशेष मिलने का सिलसिला जारी है। मानवाधिकार वकील रनीथा ज्ञानराजा के अनुसार, खुदाई के तीसरे चरण में अब तक कुल 249 कंकाल बरामद किए जा चुके हैं। हाल ही में न्यायालय के आदेश के बाद शुरू हुई ताजा खुदाई में 9 नए कंकाल और कुछ पुराने सिक्के व आभूषण मिले हैं। गौरतलब है कि आर्थिक संकट और धन की कमी के कारण इस संवेदनशील खुदाई कार्य को लगभग सात महीने पहले रोक दिया गया था, जिसे अब न्यायिक हस्तक्षेप के बाद फिर से शुरू किया गया है।
यह पूरा मामला 1990 के दशक में श्रीलंकाई सेना और लिट्टे (LTTE) के बीच हुए भीषण गृहयुद्ध के दौर से जुड़ा माना जा रहा है। चेम्मनी की इस कब्रगाह की सच्चाई फरवरी 2025 में तब सामने आई थी, जब एक सामान्य निर्माण कार्य के दौरान अचानक इंसानी हड्डियाँ दिखाई दी थीं। इससे पहले साल 1998 में भी इसी क्षेत्र से 15 कंकाल बरामद हुए थे, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा था। अब खुदाई के दूसरे चरण में मिली 240 और तीसरे चरण की ताजा बरामदगी ने मानवाधिकार संगठनों के बीच कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अदालत की सख्त निगरानी में चल रही इस खुदाई का मुख्य उद्देश्य मौतों के पीछे के वास्तविक कारणों और मृतकों की पहचान स्थापित करना है। 15 मई 2025 को शुरू हुए पहले चरण के बाद से ही इस स्थान को ‘न्यायिक परीक्षण’ के दायरे में रखा गया है। बरामद किए गए कंकालों और अवशेषों का अब फॉरेंसिक विश्लेषण किया जाएगा ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये हत्याएं युद्ध अपराध का हिस्सा थीं या नहीं। इस खुलासे ने श्रीलंका के पुराने घावों को एक बार फिर हरा कर दिया है और पीड़ित परिवारों को न्याय की उम्मीद जगी है।

