न्यूयॉर्क | मशहूर अमेरिकी बैंकिंग संस्थान जेपी मॉर्गन (JPMorgan) के पूर्व बैंकर चिरायु राणा ने अपनी सीनियर महिला अधिकारी लोर्ना हजदिनी पर यौन उत्पीड़न और नस्लीय दुर्व्यवहार के बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। मैनहैटन सुप्रीम कोर्ट में दर्ज इस मुकदमे में 35 वर्षीय राणा ने दावा किया है कि 37 वर्षीय हजदिनी ने उन्हें नशीली दवाएं दीं और उनका मानसिक शोषण किया। 2024 की घटनाओं पर आधारित इस केस में अब नए हलफनामे और गवाहों के बयान सामने आए हैं, जिन्होंने कोर्ट में हजदिनी के व्यवहार को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
इस मामले में दो प्रमुख गवाहों के बयान राणा के दावों को मजबूती दे रहे हैं। एक गवाह ने बताया कि हजदिनी जबरन राणा के अपार्टमेंट में घुस आई थी और वहां मौजूद लोगों पर अनैतिक कार्यों के लिए दबाव बनाया था। गवाह के अनुसार, राणा लगातार विरोध कर रहे थे और असहज महसूस कर रहे थे। वहीं, एक अन्य गवाह ने कार्यस्थल पर भी हजदिनी द्वारा राणा को जबरन पकड़ने और शारीरिक रूप से परेशान करने की पुष्टि की है। इन घटनाओं के कारण चिरायु राणा गंभीर मानसिक तनाव और पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) का शिकार हो गए हैं, जिसका प्रमाण उनके काउंसलर के मेडिकल लेटर में दिया गया है।
दूसरी ओर, जेपी मॉर्गन बैंक और लोर्ना हजदिनी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। बैंक का कहना है कि आंतरिक जांच में उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला है और राणा ने जांच प्रक्रिया में सहयोग नहीं किया। हजदिनी के वकीलों ने इसे झूठा आरोप बताते हुए कहा कि उनका राणा के साथ कभी कोई रोमांटिक रिश्ता नहीं रहा। इसके विपरीत, बैंक ने आरोप लगाया है कि राणा ने अपने निजी जीवन के बारे में झूठ बोला था। फिलहाल यह मामला अदालत में विचाराधीन है और इस कानूनी लड़ाई ने बैंकिंग जगत में एक बड़ी बहस छेड़ दी है।

