भीषण गर्मी के बीच शहर में गहराता जा रहा पानी का संकट

इंदौर: शहर में भीषण गर्मी के बीच पानी का संकट गहराता जा रहा है. जल संकट के चलते वार्ड 38 स्थित बाबा मनसब नगर जैसी बस्तियों में हालात बदतर हो गए हैं. स्थानीय निवासियों के अनुसार, बोरिंग सूख चुके हैं और नलों में पानी नहीं आ रहा है, जिससे लोग पूरी तरह टैंकरों पर निर्भर हैं. नगर निगम की अमृत योजना विफल हो गई है और जलापूर्ति के दावे हकीकत में खोखले साबित हो रहे हैं. इससे लोगों में भारी आक्रोश है. यह स्थिति शहर में जल प्रबंधन की खामियों और गर्मी के कारण गिरते जलस्तर को उजागर करती है.

चार वर्ष पहले नर्मदा जल योजना के तहत पाइपलाइन और घर-घर नल कनेक्शन देने के बावजूद क्षेत्र में आज तक नियमित पानी सप्लाई शुरू नहीं हो सकी. बाबा मनसब नगर में पानी की किल्लत को लेकर नवभारत ने 20 मार्च को खबर प्रकाशित की थी, आज जब दोबारा क्षेत्र में जाकर जायजा लिया तो हालात पहले से भी भयावह नजर आए. क्षेत्र की सरकारी बोरिंग पूरी तरह बंद हो चुकी है, नलों से एक बूंद पानी नहीं आ रहा और रहवासी केवल पार्षद की पहल पर पहुंच रहे निगम के टैंकरों पर निर्भर हैं.

स्थिति यह है कि प्रत्येक घर को मात्र पांच केन पानी मिल रहा है, जो दैनिक जरूरत के लिए नाकाफी है. मजबूरी में लोग चिलचिलाती धूप में दूर-दराज के क्षेत्रों से पानी ढोने को मजबूर हैं. नगर निगम के बड़े-बड़े दावे, योजनाओं की आत्मप्रशंसा और जल प्रबंधन के खोखले वादों की हकीकत बाबा मनसब नगर जैसी बस्तियों में देखी जा सकती है. लगातार बढ़ती पानी की किल्लत से क्षेत्रवासियों में निगम प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश है.

यह बोले रहवासी…

मनसब नगर मंदिर वाली गली में लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं निगम के जिम्मेदार इस और ध्यान नहीं दे रहे. अगर पार्षद टैंकर नहीं पहुंचाएं तो क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मच जाए.
– अकील कुरैशी

गर्मी में पानी की जरूरत बढ़ जाती है. ऐसे में क्षेत्र के नलों से एक बाल्टी भी पानी नहीं भर पाता. लोग सिर्फ पार्षद के टैंकर पर निर्भर हैं. नगर निगम को ध्यान देना चाहिए.
– हेमलता गोस्वामी

गर्मी के महीनों में पानी की मुसीबत ज्यादा बढ़ जाती है. पैसे देकर निजी टैंकर भी डलवाना पड़ते हैं, जिसमें हर हफ्ते हमें आठ सौ से लेकर हजार रुपए तक का भुगतान करना पड़ता है.
– फूलबाई जाटव

हर घर को केवल 5 केन पानी देते हैं, उससे पूर्ति नहीं हो पाती. क्षेत्र का बोरिंग भी पूरी तरह से खराब पड़ा हुआ है. नर्मदा लाइन से मिलने वाले पानी की कोई सुविधा नहीं है.
– रामकली बाई

पाइप लाइन नीचे और बोरिंग की गहराई बढ़ाई जाएगी
मंदिर वाली गली में पाइप लाइन को और नीचे किया जाएगा, वहीं बोरिंग की गहराई बढ़ाकर पाइप बढ़ाया जाएगा, जिससे भविष्य में पानी की किल्लत से निजात मिलेगी.
– उस्मान पटेल पार्षद पति

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