नयी दिल्ली 02 मई (वार्ता) केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को बैंकिंग धोखाधड़ी के वांछित आरोपी कमलेश पारेख को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्रत्यर्पण कर भारत लाने में बड़ी सफलता मिली है।
सीबीआई ने शनिवार को बताया कि आरोपी को शुक्रवार को यहां लाया गया जहां उसे हिरासत में ले लिया गया। सीबीआई ने कहा है कि विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के समन्वय से कल रेड नोटिस के तहत वांछित आरोपी कमलेश पारेख को यूएई से प्रत्यर्पित कराने में सफलता मिली है।
उक्त आरोपी एक बड़े पैमाने पर बैंकिंग और वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में वांछित था, जिससे भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के एक कंसोर्टियम को सैकड़ों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। आरोपी ने अन्य प्रमोटरों और निदेशकों के साथ साजिश कर, विदेशी संस्थाओं और व्यावसायिक गतिविधियों के नेटवर्क के माध्यम से बैंक फंड का दुरुपयोग और डायवर्जन किया। इसमें यूएई सहित विदेशों में निर्यात से संबंधित संचालन और वित्तीय लेन-देन का प्रबंधन करते हुए धोखाधड़ी पूर्ण तरीकों जैसे वित्तीय लेन-देन में हेरफेर और बैंकिंग चैनलों के दुरुपयोग का सहारा लिया गया।
इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर आरोपी को यूएई में चिन्हित किया गया। भारत के अनुरोध पर वहां के अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया। विधिक प्रक्रिया और भारत एवं संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों के बीच निकट समन्वय के बाद आरोपी को भारतीय अधिकारियों को सौंपने का निर्णय लिया गया। आरोपी को कल यहां लाया गया और उसे हिरासत में ले लिया गया।
सीबीआई भारत में इंटरपोल के लिए राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो के रूप में कार्य करते हुए, भारतपोल पोर्टल के माध्यम से इंटरपोल चैनलों द्वारा सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ समन्वय करता है। विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से पिछले कुछ वर्षों में इंटरपोल के माध्यम से 150 से अधिक वांछित अपराधियों को सफलतापूर्वक भारत लाया गया है।
