
खंडवा। जल स्रोतों के पुनरुद्धार और संवर्धन के लिए चलाया जा रहा जल गंगा संवर्धन अभियान आज एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। इस महा-अभियान के अंतर्गत जिले ने अपनी कार्यकुशलता, प्रशासनिक सक्रियता और जन-भागीदारी के समन्वय से पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। प्रदेश स्तरीय ताजा रैंकिंग के अनुसार, खंडवा जिला जल संरक्षण के कार्यों में सबसे अग्रणी है, जिसके बाद खरगोन दूसरे, डिंडोरी तीसरे, राजगढ़ चौथे और बालाघाट पांचवें स्थान पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से संचालित इस अभियान के तहत प्रदेश भर में लगभग 6229 करोड़ रुपये की विशाल लागत से 2 लाख 43 हजार से अधिक जल संवर्धन कार्यों को अंजाम दिया जा रहा है। खंडवा जिले में विशेष रूप से खेत तालाबों के निर्माण, अमृत सरोवरों के पुनरुद्धार, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना और वर्षों से सूखे पड़े कुओं को नया जीवन देने की दिशा में युद्ध स्तर पर कार्य किया गया है। इस वर्ष के अभियान की सबसे महत्वपूर्ण और विशेष बात यह रही कि इसमें केवल नए कार्यों की घोषणा नहीं की गई, बल्कि पूर्व में प्रारंभ किए गए कार्यों को पूर्ण गुणवत्ता के साथ समय सीमा में समाप्त करने पर विशेष जोर दिया गया।
इसी रणनीति का परिणाम है कि 19 मार्च से शुरू हुए अभियान के तीसरे चरण में अब तक प्रदेश में कुल 1 लाख 64 हजार से अधिक कार्यों को सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है, जिसमें खंडवा जिले की प्रगति दर सबसे अधिक रही है। जिले में सूखे कुओं के पुनर्भरण और पुराने तालाबों की गाद निकालने जैसे कार्यों से न केवल कृषि क्षेत्र को संबल मिला है, बल्कि भू-जल स्तर में भी सुधार की नई उम्मीद जगी है।
