पोर्ट ब्लेयर 29 अप्रैल (वार्ता) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और अंडमान निकोबार प्रशासन पर द्वीप के लोगों की जमीनें छीने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
अंडमान-निकोबार द्वीप के दौरे पर पहुंचे श्री गांधी ने संवाददाताओं से कहा कि द्वीप के लोगों की ज़मीन छीनी जा रही है और बिना उनकी सहमति के बड़े कारोबारियों, खासकर गौतम अडानी जैसे उद्योगपतियों को सौंपी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वन अधिकार अधिनियम को यहां लागू नहीं किया जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों और आदिवासी समुदायों के अधिकारों का हनन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रभावित लोगों को न तो उचित मुआवज़ा मिल रहा है और न ही उनकी आवाज़ सुनी जा रही है। उन्होंने इसे “भारत की विरासत की चोरी” करार देते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हो रही है और ज़मीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। उन्होंने इसे “इकोलॉजिकल चोरी” बताते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
पानी की समस्या और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अंडमान में पानी की गंभीर किल्लत है और उपराज्यपाल पर भी भ्रष्टाचार के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल “राजा की तरह” काम कर रहे हैं और जनता से मिलने से बचते हैं, भले ही उनके आवास और दफ़्तर का नाम ‘लोक भवन’ रखा गया हो।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की बात सुनना और उनका सम्मान करना आवश्यक है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे देश के सामने अंडमान-निकोबार की वास्तविक स्थिति लाएंगे और वहां के लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयास करेंगे।
