न्यूयॉर्क, 28 अप्रैल (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि वैश्विक स्तर पर परमाणु प्रसार तेज हो रहा है, जिससे नये परमाणु हथियारों की दौड़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। श्री गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के सदस्य देशों की बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक संधि कमजोर पड़ रही है, क्योंकि सदस्य देशों की प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं हो रहीं और वैश्विक भरोसा लगातार घट रहा है।
उन्होंने कहा, “ संधि कमजोर हो रही है, वचन पूरे नहीं हुए हैं, विश्वास और विश्वसनीयता क्षीण हो रही है तथा परमाणु प्रसार की प्रवृत्तियां तेज हो रही हैं। ”
श्री गुटेरेस ने कहा कि दुनिया परमाणु हथियारों के खतरों को ‘सामूहिक रूप से’ भूल रही है, जबकि भू-राजनीतिक तनाव और सैन्य खर्च लगातार बढ़ रहे हैं।
उन्होंने याद दिलाया कि परमाणु हथियारों के उन्मूलन का लक्ष्य 1946 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के पहले प्रस्ताव से जुड़ा है, लेकिन मौजूदा समय में इस दिशा में हुई प्रगति गंभीर दबाव में है। उन्होंने कहा, “ एक बार फिर परमाणु हथियारों की धमक सुनाई दे रही है। अविश्वास हावी है। कठिन प्रयासों से बने मानदंड कमजोर हो रहे हैं और हथियार नियंत्रण व्यवस्था दम तोड़ रही है। ”
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख के अनुसार, पिछले वर्ष वैश्विक सैन्य खर्च 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो विकास सहायता से कहीं अधिक है और वैश्विक प्राथमिकताओं के असंतुलन को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि कई दशकों बाद पहली बार परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ रही है, जबकि कुछ देशों में परमाणु परीक्षण फिर शुरू करने और परमाणु हथियार हासिल करने की चर्चाएं भी तेज हो रही हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि परमाणु हथियार सुरक्षा प्रदान नहीं करते। उन्होंने लंबे समय से चले आ रहे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के सिद्धांत को दोहराते हुए कहा, “ परमाणु युद्ध जीता नहीं जा सकता और न ही इसे लड़ा जाना चाहिए।”
श्री गुटेरेस ने दो तत्काल कदम सुझाये। पहला, सभी देश एनपीटी के तहत अपनी मौजूदा प्रतिबद्धताओं का बिना किसी अपवाद के पालन करें। दूसरा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी नयी तकनीकों से जुड़े जोखिमों को ध्यान में रखते हुए संधि के ढांचे को आधुनिक बनाया जाये।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, परमाणु परीक्षण रोकने और परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में ठोस प्रगति का भी आह्वान किया। सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे वियतनाम के संयुक्त राष्ट्र राजदूत डो हुंग विएत ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक तनावों के बीच यह बैठक आसान नहीं होगी, लेकिन संतुलित परिणाम और व्यावहारिक कदम बेहद आवश्यक हैं। दो सप्ताह तक चलने वाला यह सम्मेलन ऐसे समय हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों की नयी प्रतिस्पर्धा की आशंका बढ़ रही है और 1970 की एनपीटी संधि को मजबूत करने पर सहमति बनाना अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

