वॉशिंगटन | दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग, ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) को लेकर जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में नेशनल सिक्योरिटी टीम के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की है कि ट्रंप ईरान द्वारा मार्ग खोलने के नए प्रस्ताव पर गंभीरता से चर्चा कर रहे हैं। हालांकि बैठक के निष्कर्षों को अभी गोपनीय रखा गया है, लेकिन लेविट ने संकेत दिया है कि राष्ट्रपति इस विषय पर बहुत जल्द सीधा और बड़ा बयान जारी कर सकते हैं। वैश्विक तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए इस चर्चा पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फॉक्स न्यूज को बताया कि ईरानी वार्ताकार मौजूदा आर्थिक संकट से बाहर निकलने के लिए समझौते को लेकर गंभीर दिख रहे हैं, लेकिन वे और अधिक समय की मांग कर रहे हैं। रुबियो के अनुसार, ईरान के भीतर ‘राजनीतिक वर्ग’ और ‘कट्टरपंथी धार्मिक वर्ग’ के बीच गहरे मतभेद हैं। जहां राजनीतिक नेतृत्व इकॉनमी बचाने के लिए बातचीत चाहता है, वहीं इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और सुप्रीम लीडर के करीबी कट्टरपंथी अभी भी अड़ियल रुख अपनाए हुए हैं। यह आंतरिक विभाजन किसी भी शांति समझौते की राह में सबसे बड़ी रुकावट बना हुआ है, क्योंकि ईरानी वार्ताकारों को अपने ही देश के दूसरे गुटों को मनाने में मशक्कत करनी पड़ रही है।
अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि ईरान के बंदरगाहों पर की गई नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) का असर दिखने लगा है, जिसके दबाव में ईरान नई शर्तें पेश कर रहा है। हालांकि, एबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की नई शर्तें अभी भी अमेरिका द्वारा तय की गई ‘रेड लाइन्स’ से काफी दूर हैं। ट्रंप प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी समझौता न केवल तेल मार्ग को खोले, बल्कि क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता भी प्रदान करे। यदि ट्रंप इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं, तो यह वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए बड़ी राहत होगी, लेकिन फिलहाल व्हाइट हाउस ‘रुको और देखो’ की नीति अपनाते हुए ईरान के अगले कदम का इंतजार कर रहा है।

