चितरंगी : विकासखंड चितरंगी अंतर्गत आयरन ब्लॉक मिसिरगवां के ग्राम केकरावं में चल रहे अंतिम परीक्षण ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है, जहां ब्लास्टिंग के दौरान उड़े पत्थर सीधे रिहायशी क्षेत्र में जा गिरे और एक ग्रामीण का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम केकराव निवासी दीना बैस के मकान पर तेजी से उड़कर आए पत्थरों के कारण भारी नुकसान हुआ, हालांकि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि परीक्षण कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपाय जैसे सुरक्षित दूरी, चेतावनी संकेत और क्षेत्र की घेराबंदी का समुचित पालन नहीं किया जा रहा है, साथ ही कंपनी द्वारा उस स्थान और मार्ग का भी पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके लिए प्रशासन द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया था। युवा नेता लक्ष्मण बैस ने मौके पर पहुंचकर कार्य रुकवाने का प्रयास किया और उपखंड अधिकारी देवेंद्र द्विवेदी को स्थिति से अवगत कराया, उन्होंने कहा कि जंगल क्षेत्र के आसपास आबादी होने के बावजूद सुरक्षा की अनदेखी गंभीर लापरवाही है और इसकी जिम्मेदारी प्रशासन व संबंधित कंपनी दोनों की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते और प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता, तब तक कार्य को रोका जाएगा, वहीं प्रशासन द्वारा स्थायी समाधान न निकाले जाने की स्थिति में आंदोलन एवं हड़ताल की भी बात कही गई है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक परियोजनाओं में सुरक्षा मानकों के पालन पर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं और अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या ठोस कदम उठाता है।
