महिला सशक्तिकरण के लिए जीवन चक्र के हर पड़ाव के लिए योजना बना रही है सरकार: मोदी

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि सरकार महिलाओं के सही मायने में सशक्तिकरण के लिए जीवन चक्र के हर पड़ाव के लिए विशेष योजनाएं बना रही है और उन्हें सफलतापूर्वक लागू किया जा रहा है। श्री मोदी ने गुरुवार को संसद में महिला आरक्षण विधेयक पारित किये जाने से पहले उसकी पृष्ठभूमिका में यहां आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “हमारी सरकार ने महिलाओं के जीवन चक्र के हर पड़ाव के लिए योजनाएं बनाई , उन्हें सफलतापूर्वक लागू किया है।” उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई से लेकर संविधान सभा के निर्णयों तक स्वतंत्र भारत की नींव रखने में भारत की नारीशक्ति ने असीमित योगदान दिया है और देश में महिला नेतृत्व का एक बेहतरीन उदाहरण पंचायती राज संस्थाएं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार प्रगतिशील समाज की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से अनेक छोटे बड़े कदमों से महिलाओं को सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक के जरिये महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में भी एक तिहाई आरक्षण देकर अब देश महिलाओं को सशक्त बनाकर लोकतंत्र को भी नये तरह से सशक्त बनाने जा रहा है।

उन्होंने कहा, “आज महिलाएं उन क्षेत्रों में भी बुलंदियों को छू रही हैं जहां कभी पुरूषों का एकाधिकार माना जाता था। देश की नारीशक्ति ने अपने परिश्रम, साहस और आत्मविश्वास से नई ऊंचाइयों को छुआ है। अब हमें मिलकर इस शक्ति को नयी ऊर्जा देनी है उसके लिए अवसरों का विस्तार करना है।” श्री मोदी ने सम्मेलन में मौजूद नारी शक्ति को विश्वास दिलाया कि सरकार उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निरंतर कदम उठा रही है। उन्होंने कहा, “मैं सबको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि देश उनकी आकांक्षाओं को समझता है और उन्हें पूरा करने के लिए कदम उठा रहा है।” श्री मोदी ने महिलाओं से अपील की कि वे महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने के लिए सभी सांसदों को विश्वास में लें और उन्हें इसके समर्थन में तैयार करें। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में हुई चर्चा को भी देश के कोने कोने तक हर महिला तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “महिलाएं सांसदों से मिलकर अपना पक्ष रखें और अपनी आकांक्षा रखें ।” प्रधानमंत्री ने कहा कि वह सभी मां और बहनों से अपील करते हैं कि वे जिस दिन यह विधेयक संसद में आये उस दिन सांसदों को फूल मालाओं के साथ विदा करें जिससे वह इस सकारात्मक निर्णय में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि आज के दिन सभी संकल्प लें कि नारी शक्ति के पास अधिकार भी रहेंगी और वह निर्णय शक्ति में भागीदार भी बनेगी। श्री मोदी ने कहा कि वैसे तो यह लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति का अधिकार है लेकिन वह चाहते हैं कि इस विधेयक के दौरान संसद की दर्शक दीर्घा महिलाओं से ही भरी रहे। उन्होंने कहा कि इससे देश में उत्सव का माहौल बनेगा।
उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि का सारा श्रेय देश की मातृशक्ति , संसद और सभी दलों को जाता है।

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