आशा भोसले का व्यक्तिगत जीवन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। महज 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर 31 वर्षीय गणपतराव भोसले से शादी कर ली थी।
भारतीय संगीत की ‘सुर साम्राज्ञी’ आशा भोसले का जीवन केवल ग्लैमर और तालियों तक सीमित नहीं था। उनके 90 साल से अधिक के सफर में कई ऐसे मोड़ आए, जहां उन्होंने टूटने के बजाय खुद को फिर से खड़ा किया। 16 साल की उम्र में की गई शादी की विफलता से लेकर बॉलीवुड में अपनी बड़ी बहन की छाया से बाहर निकलकर अपनी एक अलग ‘वर्सेटाइल’ पहचान बनाने तक, आशा जी की कहानी हर महिला के लिए प्रेरणा है।
वे न केवल एक महान गायिका थीं, बल्कि एक सफल उद्यमी और शानदार कुक भी थीं। आज भी उनकी आवाज में वही खनक था, जो दशकों पहले सुनने को मिलती थी। उनके स्टाफ और करीबी लोग उन्हें आज भी बेहद सरल और जमीन से जुड़ा हुआ इंसान मानते थे, जो सफलता के शिखर पर होकर भी अपनी जड़ों को नहीं भूली थीं।
जब बनीं ‘पोस्टर पेंटर’ की असिस्टेंट
कम ही लोग जानते हैं कि सुदेश भोसले की तरह आशा जी का जुड़ाव भी कला के अन्य रूपों से रहा। शुरुआती संघर्ष के दिनों में, जब पार्श्व गायन में मौके कम थे, उन्होंने घर की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए छोटे-मोटे कामों में भी संकोच नहीं किया। वे अक्सर कहती थीं कि कलाकार वही है जो अपनी जड़ों को न भूले।
लता जी से अलग ‘विद्रोही’ पहचान
संगीत की दुनिया में उस समय उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर का एकछत्र राज था। आशा जी को अक्सर वही गाने मिलते थे जिन्हें लता जी या गीता दत्त ठुकरा देती थीं (जैसे वैम्प, डांसर या कैबरे गाने)। लेकिन आशा जी ने इसे चुनौती माना और अपनी आवाज में वो ‘मसाला’ और ‘नजाकत’ पैदा की, जिसने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
दुबई और कुवैत में ‘आशा’स’ रेस्टोरेंट
गायकी के अलावा आशा भोसले (Asha Bhosle) को खाना बनाने का जबरदस्त शौक है। वे खुद मानती थीं कि अगर वो सिंगर नहीं होतीं, तो एक कुक होतीं। आज उनके नाम से दुबई और कुवैत सहित कई देशों में ‘Asha’s’ नाम की सफल रेस्टोरेंट चेन है। दिलचस्प बात यह है कि वे खुद कई डिशेज की रेसिपी तैयार करती थीं।
16 साल की उम्र में घर से भागकर शादी
आशा भोसले का व्यक्तिगत जीवन काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। महज 16 साल की उम्र में उन्होंने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर 31 वर्षीय गणपतराव भोसले से शादी कर ली थी। हालांकि, यह रिश्ता सफल नहीं रहा और उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा, लेकिन इसी संघर्ष ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाया।
रिकॉर्ड्स की मल्लिका आशा भोसले
आशा भोसले का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है। उन्होंने 20 से अधिक भारतीय भाषाओं में 11,000 से ज्यादा गाने गाए हैं। उनकी आवाज की रेंज इतनी है कि वे शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप और गजल तक, हर विधा में उतनी ही सहज लगती हैं। यहीं वजह थी की हर उम्र के लोग उनके गाने और आवाज के कायल थे।
