इंदौर: गर्मी का सीजन शुरू होते ही शहर के कई इलाकों में पानी की किल्लत बढ़ती जा रही है. जबकि कच्ची बस्तियों के तो और बुरे हाल हैं, जहां पानी की कमी के चलते रहवासियों का जीवन मुश्किल हो गया है.हवा बंगला से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे शहर की सीमा से लगा हुआ अहिरखेड़ी क्षेत्र वार्ड क्रमांक 79 अंतर्गत आता है. अहिर खेड़ी में स्थित कच्ची बस्ती में पानी की किल्लत ने रहवासियों का जीवन मुश्किल कर दिया है. क्षेत्र में नर्मदा पाइपलाइन बिछी होने के बावजूद घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भटकना पड़ रहा है.
बस्ती में मौजूद हैंडपंप ही एक मात्र सहारा है, लेकिन उससे निकलने वाला पानी भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है. पास ही नाला होने के कारण पानी दूषित हो जाता है, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इसका सबसे ज्यादा खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. नगर निगम की ओर से पानी का टैंकर करीब 8 दिनों में एक बार ही पहुंचता है, जो पूरे क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए नाकाफी साबित हो रहा है. रहवासियों द्वारा कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला.
यह बोले रहवासी….
पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में पानी की किल्लत बनी हुई है, हम आसपास के इलाकों से पानी लाने को मजबूर हैं. यहां सरकारी बोरिंग की सख्त आवश्यकता है.
– अजय भालसे
तीन साल से ज्यादा हो गए नर्मदा की लाइन क्षेत्र में डाले हुए, लेकिन आज तक उसमें पानी नहीं आया. पानी के लिए हर रोज टंकी से पानी भरकर लाना पड़ता है.
– मीना सिसोदिया
पीने का पानी हवा बंगले की टंकी से रोज लेकर आते हैं, यहां लगे हेड पंप से नाला करीब होने से गंदा पानी आता है. कई बार तो वह भी खराब हो जाता है.
– सरजू अलोने
टैंकर बढ़ाने के लिए आवेदन लगाया है
टैंकर की कमी है, मैने आवेदन लगाया है, जल्दी टैंकर मिलेंगे. पानी की पूर्ति के लिए क्षेत्र के तीन कुंओं के पानी की टेस्टिंग कराई है, सफलता मिलते ही पानी की सप्लाई बढ़ जाएगी.
– लक्ष्मी वर्मा, पार्षद
