
शाजापुर। जिले में देवस्थान संपत्तियों की सुरक्षा एवं अतिक्रमण पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से कलेक्टर द्वारा बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है. कलेक्टर ऋजु बाफना द्वारा जारी आदेश में जिले के सभी माफी औकाफ देवस्थानों की भूमि एवं भवनों पर अनिवार्य रूप से शासकीय सूचना पट्ट बोर्ड स्थापित करने के निर्देश दिए गए है.
कलेक्टर द्वारा 26 मार्च 2026 को जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदारों को जारी किए आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया कि यह आदेश आयुक्त, औकाफ शाखा ग्वालियर के आदेश के अनुपालन में जारी किया गया है. आदेश के अनुसार प्रत्येक देवस्थान पर लगाए जाने वाले बोर्ड में स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा कि संबंधित देवस्थान मध्यप्रदेश शासन के धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग, औकाफ बोर्ड ग्वालियर द्वारा नियंत्रित है तथा उसका प्रबंधन कलेक्टर द्वारा किया जा रहा है. कलेक्टर ने जिले के समस्त अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया है कि वे अपने अपने क्षेत्र में स्थित देवस्थानों का स्थल निरीक्षण कर निर्धारित प्रारूप में बोर्ड स्थापित कराना सुनिश्चित करें तथा कार्यवाही का प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें.
प्रबंधक कलेक्टर जिला शाजापुर लिखना होगा अनिवार्य
जारी आदेश में यह बताया गया कि सभी माफी औकाफ के देवस्थान भवनों, भूमि पर लगाए जाने वाले बोर्ड पर इस तरह का विवरण अंकित किया जाना अनिवार्य है.मध्यप्रदेश शासन धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग औकाफ बोर्ड ग्वालियर द्वारा नियंत्रित देवस्थान, इसके नीचे देव स्थान का नाम एवं इसके नीचे प्रबंधक कलेक्टर जिला शाजापुर मध्यप्रदेश लिखना अनिवार्य किया गया है.
देवस्थान संपत्तियों की पहचान होगी आसान
कई मामलों में मंदिरों की संपत्तियां, भवन एवं कृषि भूमि पर अवैध कब्जे कर लिए जाते हैं. कुछ स्थानों पर पुजारी अथवा उनके वारिस इन संपत्तियों को निजी संपत्ति बताने लगते हैं. ऐसे मामलों पर अंकुश लगाने के लिए यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है. प्रशासन का मत है कि इस निर्णय से देवस्थान संपत्तियों की स्पष्ट पहचान स्थापित होगी और अवैध कब्जों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा. आदेश के बाद प्रशासनिक अमले में सक्रियता बढ़ गई है और जल्द ही जिलेभर में देवस्थानों पर शासकीय बोर्ड नजर आने लगेंगे.
