
राजगढ़। जिला मुख्यालय पर धार्मिक सद्भाव की अनूठी मिसाल देखने को मिली. एक हिन्दु बेटी को बचपन से पाल पोसकर उसकी शादी हिन्दू रीति और रिवाज से करते हुए न सिर्फ ससुराल विदा किया बल्कि उसकी शादी का तमाम खर्च, तैयारियों का बीड़ा भी उठाया. सभी हिन्दू रस्मों को निभाने से लेकर बारात का स्वागत, समारोह का खर्च और तैयारियां करने वाले मुस्लिक परिवार ने अपने आंगन से हिंदू मंत्रोच्चार के बीच अनाथ हिंदू लड़की की
शादी सम्पन्न कराई. जानकारी के अनुसार पुराने बस
स्टेण्ड के समीप कलेक्टर ऑफिस रोड निवासी अब्दुल्ला खान ने वर्ष 2010 में पिता और उसके दो साल बाद मां का निधन होने पर अपनी साली का पालन-पोषण किया था. पढ़ाई के दौरान उनकी साली की मुलाकात ग्वालियर निवासी हिन्दू राजपूत युवक से हुई.
जिसके बाद परिवार की सहमति से संबंध तय किया गया और ग्वालियर से दूल्हा बारात लेकर राजगढ़ पहुंचा. अब्दुल्ला पिता की जिम्मेदारी निभाते हुए हिंदू धर्म और परंपराओं के अनुसार यह विवाह संपन्न करा रहे
मुस्लिम के घर युवती हिन्दू ही रही
युवती की बड़ी बहन प्रीति ने अब्दुल्ला खान से लव मैरिज की थी और शादी के बाद अपने ससुराल राजगढ़ आ गई थी. माता-पिता के निधन के बाद अब्दुल्ला खान ने छोटी बहन यानी साली को अपने घर में बेटी की तरह जगह दी और उसका पालन-पोषण किया. अब्दुल्ला खान ने युवती की पढ़ाई-लिखाई का पूरा ध्यान रखा. उन्होंने कभी भी युवती पर धर्म बदलने का दबाव नहीं बनाया. वह हिंदू संस्कारों के साथ ही मुस्लिम परिवार में पली-बढ़ी.
2010 में पिता और 2 साल बाद मां का हुआ था निधन
युवती के पिता की मौत के बाद हार्ट अटैक से उसकी मां का भी निधन हो गया उस समय युवती काफी छोटी थी और माता-पिता के बिना उसका सहारा छिन गया था.
मुस्लिम परिवार के आंगन में अग्निसाक्षी, 7 फेरे लिए
पढ़ाई के दौरान युवती की मुलाकात ग्वालियर निवासी युवक से हुई दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला किया, जिसे परिवार ने भी सहमति दे दी. कल ग्वालियर से बारात राजगढ़ पहुंची. ओल्ड कलेक्ट्रेट रोड स्थित अब्दुल्ला खान के निवास पर ही विवाह समारोह आयोजित हुआ. पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच अग्नि को साक्षी मानकर दूल्हा और दुल्हन सात फेरे लेंगे.
अब्दुल्ला बोले- इंसानियत का रिश्ता हर मजहब से बड़ा
अब्दुल्ला खान ने कहा कि, इंसानियत का रिश्ता हर मजहब से बड़ा होता
है. युवती उनके लिए बेटी की तरह है, इसलिए उसकी शादी भी उसी के धर्म और परंपराओं के अनुसार कराई जा रही है. इस शादी की चर्चा अब पूरे देश में हो रही है और लोग इसे प्रेम, इंसानियत व
आपसी भाईचारे की मिसाल के रूप में देख रहे हैं.
