इंदौर:शहर के पालदा क्षेत्र की नई बस्ती में सफाई व्यवस्था की बदहाली और सफाईकर्मियों की कमी से स्थानीय निवासियों में काफी नाराजगी है. सड़कों और गलियों में फैले कचरे के कारण मच्छर-मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र में बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा बना हुआ है.पालदा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 75 की पालदा नई बस्ती में सफाई व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. वार्ड का दायरा बड़ा होने के बावजूद यहां सफाई कर्मियों की संख्या पर्याप्त नहीं है, जिसके कारण नियमित रूप से सड़कों और गलियों की सफाई नहीं हो पा रही है.
नतीजतन क्षेत्र में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए रहते हैं और गंदगी फैली हुई है. निवासियों के अनुसार, क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं होने और जगह-जगह कचरे ढेर लगे होने से मच्छर-मक्खी के कारण डायरिया, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों का डर बना हुआ है. निवासियों का आरोप है कि बार-बार नगर निगम को सूचित करने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है. मजबूरी में कई जगह लोगों को खुद ही सड़क और आसपास की सफाई करनी पड़ती हैं. रहवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि क्षेत्र में सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ाई जाए और नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके.
हालांकि, इंदौर लगातार आठवें वर्ष देश का सबसे स्वच्छ शहर चुना गया है, लेकिन इसके बावजूद शहर के बाहरी या पिछड़े इलाकों में सफाई की बदहाली और निवासियों की नाराजगी के मामले सामने आते रहे हैं. शहर के कुछ अन्य इलाकों (जैसे भागीरथपुरा) में भी हाल ही में दूषित पानी की समस्या से कई लोगों की मौत और सैकड़ों के बीमार होने की घटना सामने आ चुकी है, जो जल निकासी और स्वच्छता के इंतजामों पर सवाल उठाती है.
यह बोले रहवासी….
हमारे क्षेत्र में एक ही महिला सफाईकर्मी है, वही दो-तीन क्षेत्रों को संभालती है. कभी आती है, कभी नहीं आती, जिसके कारण क्षेत्र में गंदगी फैलती रहती है.
– अनपूर्णा बाई
क्षेत्र में जगह-जगह कचरे के ढेर लग रहे हैं, जिससे मच्छर-मक्खियों और कई तरह के उड़ने वाले कीड़े घरों में आते हैं, जिससे बीमारियां फैलने का डर रहता है.
– सरिता बाई
पिछले 15 दिन से क्षेत्र में सफाई कर्मी नहीं आई है, क्षेत्रवासी खुद ही सड़क की सफाई करते हैं. कचरा गाड़ी आती है, लेकिन वह सड़क पर पड़ा कचरा नहीं उठाती.
– गुलशन झंडे
कई बार आवेदन देता हूं, पर निगम में सुनवाई नहीं होती
पुराने कर्मचारियों के अलावा छह नए सफाई कर्मचारी रखे गए हैं. मेरा वार्ड काफी बड़ा है, कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए कई बार निगम को आवेदन देता हूं, लेकिन सुनवाई नहीं होती.
– कुणाल सोलंकी, पार्षद
