गली-मोहल्लों के बाद अब सर्विस रोड के मकान चौड़ीकरण की जद में आए

उज्जैन: सिंहस्थ के तहत सड़कों के चौड़ीकरण की कार्रवाई अब गली-मोहल्लों और चौराहों के बाद सर्विस रोड तक पहुंच गई है. शहर के कई प्रमुख मार्गों पर मकान और दुकानों के बाहर नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए जिन निर्माणों का हिस्सा प्रभावित हो रहा है, उन्हें सात दिन के भीतर स्वयं हटाने का समय दिया गया है.

सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में बड़े स्तर पर सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है. अनुमान है कि सिंहस्थ में करीब 30 करोड़ श्रद्धालु देश-विदेश से उज्जैन आएंगे. महाकाल मंदिर से लेकर मोक्षदायिनी शिप्रा में स्नान, साधु-संतों के पढ़ाव क्षेत्र और विभिन्न धार्मिक स्थलों तक श्रद्धालुओं की आवाजाही इसी मार्ग से होगी. यही कारण है कि शहर के मुख्य मार्गों को चौड़ा और व्यवस्थित किया जा रहा है ताकि आने वाले वर्षों में यातायात सुगम हो सके.

हरिफाटक सर्विस रोड तरफ नोटिस
इंदौर से उज्जैन को जोड़ने वाली सड़क को सिक्स लेन बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है. इस परियोजना का भूमि पूजन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा किया गया था. इसके बाद नगरीय सीमा में आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने के लिए उज्जैन नगर निगम ने मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) के माध्यम से प्रभावित संपत्तियों को नोटिस जारी किए हैं. इंजीनियरिंग कॉलेज से हरिफाटक तक सड़क किनारे बने मकान, दुकान और अन्य निर्माणों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

45 मीटर रोड होगी चौड़ी
नगर निगम द्वारा जारी सूचना पत्र के अनुसार इंदौर-उज्जैन मार्ग पर फ्रीगंज से लाल गेट तक सड़क की चौड़ाई 45 मीटर निर्धारित की गई है. इसी मानक के अनुरूप सड़क को चौड़ा किया जा रहा है. नोटिस में बताया गया है कि मार्ग चौड़ीकरण से प्रभावित भूमि का हिस्सा नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 305 के अंतर्गत निगम में निहित माना जाएगा और संबंधित मालिकों को सात दिन के भीतर प्रभावित भाग खाली करना होगा.

दस्तावेजों के साथ जल्द मिले
नोटिस में यह भी प्रावधान बताया गया है कि यदि कोई भू-स्वामी सार्वजनिक प्रयोजन के लिए अपनी भूमि का हिस्सा देता है तो उसे मप्र भूमि विकास नियम 2012 के तहत अतिरिक्त एफएआर का लाभ मिल सकता है. इसके लिए संपत्ति से जुड़े आवश्यक दस्तावेज सात दिनों के भीतर निगम में प्रस्तुत करने को कहा गया है.

इंजीनियरिंग कॉलेज से हरी फाटक तक नटिस
नवभारत से चर्चा में नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेज से महामृत्युंजय द्वार तक और हरिफाटक से शांति पैलेस चौराहे तक मकान और दुकान मालिकों को नोटिस दिए गए हैं. इसके अलावा इंद्रालय से शिवालय तक तथा महाराज ढाबे से विक्रमादित्य होटल के सामने तक की पट्टी में भी अलग-अलग चरणों में नोटिस बांटे गए हैं.

आज का नुकसान कल का फायदा
अधिकारियों का कहना है कि यदि मकान मालिक स्वयं अपने निर्माण का प्रभावित हिस्सा हटा लेते हैं तो नुकसान कम होगा और तोड़फोड़ की जरूरत भी कम पड़ेगी. हालांकि लोगों को इससे असुविधा और आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, प्रशासन का कहना है कि भविष्य की जरूरतों और सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजन को देखते हुए सड़क चौड़ीकरण जरूरी है. चौड़ी सड़कें बनने से आने वाले समय में शहर के यातायात, व्यापार और धार्मिक पर्यटन को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है

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