इंदौर:शहर की ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार तड़के हुए भीषण ईवी हादसे को लेकर अब बिजली कंपनी की जांच में नया एंगल निकलकर सामने आया है. इस जांच में बैटरी ब्लास्ट को वजह बताया जा रहा है, जबकि चश्मदीदों के बयान इससे अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं. बिजली कंपनी द्वारा स्मार्ट मीटर डेटा के आधार पर तैयार रिपोर्ट ने घटना को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
जांच से जुड़े बिजली कंपनी के सूत्रों के अनुसार, घटना के समय कार चार्जिंग पर लगी थी, जिसकी पुष्टि स्मार्ट मीटर के डिजिटल रिकॉर्ड से की गई है.
कंपनी ने पिछले तीन महीनों के डेटा और मिनट-टू-मिनट खपत का विश्लेषण कर यह निष्कर्ष निकाला है कि ओवरचार्जिंग की स्थिति में बैटरी में विस्फोट हुआ. बताया गया कि घर में 15 किलोवॉट का स्वीकृत लोड था, जबकि सामान्य उपयोग 2 से 9 किलोवॉट के बीच रहा. कार चार्जिंग शुरू होते ही लोड बढ़ता था, लेकिन ओवरलोडिंग की संभावना कम बताई जा रही है. जांच में यह भी सामने आया कि रात करीब 11 बजे से सुबह 3 बजे तक नियमित चार्जिंग होती थी.
हादसे वाली रात ऑटो कट-ऑफ के बाद दोबारा सप्लाई शुरू होने पर कुछ ही देर में धमाका हुआ था. जबकि कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जांच रिपोर्ट से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं. पड़ोसियों ने बताया था कि तड़के 3 बजे के आसपास ही कार से धुआं उठने लगा था और तुरंत लोगों को जगाकर दमकल को सूचना दी गई, लेकिन फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचने में करीब एक घंटा लग गया था. सूत्रों का यह भी कहना है कि मामले में जिम्मेदारी तय करने को लेकर अंदरखाने खींचतान भी चल रही है.गौरतलब है कि बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में हुए इस भीषण हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू समेत 8 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 4 लोग घायल हो गए थे. आग इतनी तेजी से फैली कि घर में रखे गैस सिलेंडर भी फट गए और डिजिटल लॉक के कारण कई लोग बाहर नहीं निकल सके.
