
परासिया। मध्यप्रदेश शासन ने महिला संबंधी अपराधों और अन्य गंभीर मामलों में फंसे नगरपालिका परिषद डोंगर परासिया के अध्यक्ष विनोद मालवीय से वित्तीय अधिकार छीन लिए हैं। अब उन्हें केवल नाममात्र का अध्यक्ष माना जाएगा।
18 मार्च को नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मंत्रालय भोपाल से जारी आदेश में उपसचिव प्रमोद कुमार शुक्ल ने स्पष्ट किया है कि मालवीय के खिलाफ दर्ज आपराधिक प्रकरणों और लोकायुक्त में लंबित मामलों को देखते हुए उनका वित्तीय अधिकारों का उपयोग करना लोकहित में उचित नहीं है।
आदेश के अनुसार, अब नगरपालिका से जुड़े सभी वित्तीय कार्यों और भुगतान के लिए चेक एवं इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर पर हस्ताक्षर का अधिकार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) परासिया को सौंप दिया गया है।
बताया गया है कि विनोद मालवीय के विरुद्ध थाना परासिया में अपराध क्रमांक 42/2026 के तहत धारा 79 बीएनएस और 67 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है, जो वर्तमान में जांचाधीन है। इसके अलावा थाना चांदामेटा में भी उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत एक अन्य प्रकरण दर्ज है, जिसमें एससी/एसटी एक्ट की धाराएं भी शामिल हैं।
मालवीय 18 फरवरी से 11 मार्च तक जिला जेल छिंदवाड़ा में निरुद्ध रह चुके हैं।
इसके साथ ही लोकायुक्त कार्यालय में उनके खिलाफ दो प्रकरण (क्रमांक 542/ई/2025-26 एवं 568/ई/2025-23) भी दर्ज हैं, जिनमें गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं।
इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए राज्य शासन ने मध्यप्रदेश नगरपालिका अधिनियम, 1961 के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया है। सनद रहे कि परासिया नगर पालिका अध्यक्ष विनोद मालवीय को भारतीय जनता पार्टी द्वारा पुर्व में ही पार्टी से निष्कासन कर दिया गया है।
