सिलेंडरों की सीरीज ब्लास्ट से दहला इंदौर, तीन मंजिला मकान ढहा; 3 गंभीर
इंदौर: शहर के बंगाली चौराहे के पास बुधवार तड़के हुआ भीषण हादसा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया. इलेक्ट्रिक कार की चार्जिंग के दौरान हुए विस्फोट ने कुछ ही मिनटों में पूरे मकान को आग की लपटों में घेर लिया. इसके बाद घर में रखे गैस सिलेंडरों में हुए सिलसिलेवार धमाकों ने तबाही मचा दी. इस दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 3 लोग गंभीर रूप से घायल हैं.
फायर ब्रिग्रेड के एसआई सुशील दुबे ने बताय कि घटना सुबह करीब 4 बजे तिलक नगर थाना क्षेत्र में हुई. घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार के चार्जिंग पॉइंट में अचानक धमाका हुआ, जिससे कार में आग लगी और आग तेजी से मकान तक पहुंच गई. मकान में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे थे, जिनमें एक के बाद एक विस्फोट होने लगे. धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि तीन मंजिला मकान का हिस्सा भरभराकर गिर गया.
तिलक नगर थाना प्रभारी मनीष लोधा ने बताया कि हादसे के वक्त घर में पारिवारिक कार्यक्रम के कारण कई लोग मौजूद थे और अधिकांश लोग सो रहे थे. अचानक हुए धमाकों और आग ने लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया. मृतकों में विजय सेठिया (65), छोटू सेठिया (22), सुमन (60), मनोज (65), सिमरन (30), राशि सेठिया (12) सहित एक अन्य शामिल हैं. वहीं पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आग के दौरान बिजली सप्लाई बंद हो गई, जिससे मकान में लगे इलेक्ट्रॉनिक लॉक नहीं खुल सके. दरवाजे तोड़कर अंदर घुसना पड़ा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी. प्रारंभिक जांच में घर में ज्वलनशील केमिकल और 10 से ज्यादा गैस सिलेंडर होने की बात भी सामने आई है, जिससे आग और विस्फोट ने भयावह रूप ले लिया.
दमकल की कई गाड़ियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है. इस हृदयविरादक घटना पर पर प्रदेश सरकार ने गंभीरता दिखाई है. मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे “अलार्मिंग” बताते हुए ई-वाहनों की चार्जिंग सुरक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति बनाकर मानक प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए हैं. वहीं मंत्री तुलसी सिलावट भी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया. इस हादसे ने शहरी इलाकों में ई-वाहनों की चार्जिंग, गैस सिलेंडरों के भंडारण और सुरक्षा मानकों को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं
