दतिया: शहर के छोटा बाजार दांतरे की नरिया निवासी मीसाबंदी एवं लोकतंत्र सेनानी जयप्रकाश दुबे का सुबह निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और हार्ट अटैक आने से उनका देहांत हो गया। उनके निधन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। भांडेर रोड स्थित मुक्ति धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में उन्हें राजकीय सम्मान दिया गया।
इस दौरान परिजनों, परिचितों और शहर के गणमान्य लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। लोकतंत्र सेनानी जयप्रकाश दुबे आपातकाल के दौर में लोकतंत्र की रक्षा के आंदोलन से जुड़े रहे। वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान वे करीब तीन माह तक जेल में रहे, जिसके बाद उन्हें मीसाबंदी के रूप में मान्यता मिली।बाद में उनकी नियुक्ति पुलिस विभाग में हुई। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभाजन के समय उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य में सेवा देना चुना और वहीं से डीएसपी पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद वे अपने पैतृक शहर दतिया लौट आए थे और यहीं निवास कर रहे थे।
