जबलपुर: अधारताल इलाके में सरकारी नर्स को उसके ससुराल वालों ने उगाही का जरिया बना लिया। पहले दबाव डालकर 10 लाख का लोन कराया और जब मन नहीं भरा तो चरित्र पर लांछन लगाकर मारपीट करते हुए उसे घर से बाहर निकाल दिया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पति, सास-ससुर और नंदोई के खिलाफ मामला दर्ज कर है।
पुलिस ने बताया कि जयप्रकाश नगर निवासी 32 वर्षीय रागनी चौबे का विवाह सामाजिक रीति रिवाज से दिसंबर 2023 में हुआ था। लेकिन शादी के कुछ ही हफ्तों बाद पति रोहित, ससुर ओंकार दुबे और सास कमला दुबे ने असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। उन्होंने 5 लाख की नगदी और कीमती सामान की मांग को लेकर रागनी को शारीरिक और मानसिक रूप से तोड़ना शुरू कर दिया।
साजिश: बहू का लोन, ससुर का प्लॉट
प्रताड़ना की इंतहा तब हुई जब ससुर ने प्लॉट खरीदने के लिए रागनी पर दबाव बनाया। अपनी गृहस्थी बचाने के लिए मजबूरन रागनी ने अपनी सरकारी नौकरी के दस्तावेजों पर 10 लाख रुपये का लोन लिया। उस रकम से ससुर ने अपने नाम प्लॉट तो खरीद लिया। इस प्रताड़ना में नंदोई आशीष चौबे भी पीछे नहीं रहे। घर आकर रागनी को धमकाया कि वह साले रोहित की हर ख्वाहिश पूरी करे और 5 लाख और लाकर दे। जब रागनी ने असमर्थता जताई, तो आरोपियों ने उसका एटीएम कार्ड छीन लिया और उसकी पूरी सैलरी का हिसाब खुद रखने लगे।
चरित्र पर लांछन लगा पति को भड़काया, नौकरी छुड़वाने दबाव
रागनी ने बताया कि जब वह अस्पताल में ड्यूटी पर जाती, तो ससुर उसके चरित्र पर लांछन लगा पति को उसके खिलाफ भड़काते थे। पति नौकरी छोड़ने का दबाव बनाकर मारपीट करता था। हद तो तब हो गई जब 16 फरवरी 2026 को समझौता करने पहुंचे रागनी के बुजुर्ग पिता को भी ससुराल वालों ने बेइज्जत कर भगा दिया और रागनी को जान से मारने की धमकी देकर निकाल दिया। अब पीड़ित ने रिपोर्ट दर्ज कराई।
