ग्वालियर: शहर के प्रतिष्ठित टिम्बर व्यवसायी दिनेश अग्रवाल के आवास पर हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस त्रासदी पर मध्य प्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के पदाधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए नगर निगम और फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाए हैं।चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल सहित सभी प्रमुख पदाधिकारियों ने इस घटना में अंकिता अग्रवाल के असामयिक निधन पर शोक संवेदना व्यक्त कीं। पदाधिकारियों ने इसे न केवल एक परिवार की अपूरणीय क्षति बताया, बल्कि शहर के व्यापारिक समुदाय के लिए एक काला दिन करार दिया।
‘सिस्टम’ की खामियों पर कड़ा प्रहार
संस्था ने अग्निशमन विभाग की उन कमियों को उजागर किया है, जो इस घटना के दौरान ‘मौत का कारण’ बनीं: घटना स्थल पर पहुँची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों की होजरील (पाइप) में कई छेद थे, जिससे पानी का प्रेशर कम हो गया और आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जा सका। पदाधिकारियों के अनुसार, दमकल की गाड़ियाँ घटनास्थल पर देरी से पहुँचीं। इसी विलंब के कारण आग ने विकराल रूप धारण किया और जनहानि हुई। बाड़ा क्षेत्र में पूर्व में हुए अग्निकांडों का हवाला देते हुए चैंबर ने कहा कि नगर निगम ने पुरानी गलतियों से कोई सबक नहीं लिया है, जिसका खामियाजा एक निर्दोष जान को भुगतना पड़ा। चेंबर ने इस मामले को शासन के उच्च स्तर तक ले जाने का निर्णय लिया है।
