नयी दिल्ली 6 मार्च (वार्ता) सरकारी ई-बाजार मंच (जेम) ने ई-लेन-देन के माध्यम से स्टार्टअप्स, महिलाओं और युवाओं को लाभ पहुंचाने की अपनी प्रमुख पहल “स्वायत्त” के सात वर्ष पूर्ण होने का उत्सव मनाया।
इस अवसर पर जेम ने देशभर के स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों और युवाओं के लिए सार्वजनिक खरीद को अधिक समावेशी बनाने की प्रतिबद्धता दोहरायी।
वर्ष 2019 में 19 फरवरी को शुरू की गई स्वायत्त पहल की परिकल्पना स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों, युवाओं, सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और अंतिम छोर के विक्रेताओं को सरकारी ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से सार्वजनिक खरीद इकोसिस्टम में सीधे भाग लेने में सक्षम बनाते हुए सरकारी खरीद प्रणाली को सर्वसुलभ बनाने के विजन के साथ की गई थी।
जेम की सामाजिक समावेशन के मूल सिद्धांत पर आधारित स्वायत्त पहल उभरते उद्यमों के समक्ष अक्सर आने वाली तीन प्रमुख चुनौतियों—बाज़ार तक पहुँच, वित्त तक पहुँच और मूल्य संवर्धन तक पहुँच —से निपटने पर केंद्रित है।
जेम के कार्यालय में एक स्मारक कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, स्टार्टअप संस्थापकों, महिला उद्यमियों और इकोसिस्टम साझेदारों ने भाग लिया, जहां पहल के प्रभाव और इसके भविष्य के रोडमैप पर विचार किया गया।
इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के विशेष संबोधन भी शामिल रहे, जिनमें एनईडीएआर फाउंडेशन के सह-संस्थापक और निदेशक के. वी. राजेंद्रन, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय के निदेशक मोहम्मद सालिक परवेज, तथा उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग के उप निदेशक मोहम्मद आलम अंसारी शामिल थे।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों ने भी जीईएम के माध्यम से सार्वजनिक खरीद में भागीदारी के अपने अनुभव साझा किए। क्लब फर्स्ट रोबोटिक्स की संस्थापक नीलिमा मिश्रा और सरप्राइज समवन की संस्थापक पिंकी माहेश्वरी ने बताया कि किस प्रकार जीईएम ने उनके उद्यमों को सरकारी बाजारों तक पहुँच बनाने और अपने व्यवसाय को विस्तार देने में मदद की है। इस दौरान स्वायत्त की सात वर्ष की यात्रा को दर्शाने वाली एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
जेम के सीईओ मिहिर कुमार ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि स्वायत्त पहल स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों और युवाओं को सरकारी बाजारों तक सीधे पहुँच कायम करने में सक्षम बनाते हुए सार्वजनिक खरीद को अधिक समावेशी बनाने के जीईएम के विजन को साकार करती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक और इकोसिस्टम की विभिन्न साझेदारियों का उपयोग करके जीईएम उभरते उद्यमों को देश की आर्थिक वृद्धि में सक्रिय भागीदार बनने में मदद कर रहा है।
शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार महिला उद्यमियों ने जेम पर मजबूत वृद्धि दर्ज किया है, जहाँ उनके द्वारा बेचे गए कुल ऑर्डर का मूल्य वित्तीय वर्ष 2018–19 के 1,265.62 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025–26 में 83,323 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि के दौरान उनके ऑर्डर की संख्या 1,01,530 से बढ़कर 44,48,894 हो गई, जो स्वायत्त की सात वर्षीय यात्रा में महिला नेतृत्व वाले उद्यमों की सार्वजनिक खरीद में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
जेम प्लेटफ़ॉर्म पर स्टार्टअप्स की भागीदारी ने भी मजबूत गति दिखाई है, जहाँ कुल ऑर्डर मूल्य वित्तीय वर्ष 2018–19 में 497.24 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2025–26 में 54,005.8 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में ऑर्डर की संख्या 17,434 से बढ़कर 5,30,578 हो गई, जो स्वायत्त पहल के माध्यम से सार्वजनिक खरीद में स्टार्टअप्स की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।
