मुंबई, (वार्ता) जहां होली को अक्सर रंग-बिरंगे रीति-रिवाजों और पारंपरिक पूजा-पाठ से जोड़ा जाता है, वहीं प्रीति झंगियानी और परवीन डबास के लिए यह त्योहार सादगी, अपनापन और रिश्तों की मिठास का प्रतीक है। यह जोड़ी होली को अपने खास अंदाज़ में मनाना पसंद करती है।औपचारिक धार्मिक रस्मों से दूर रहकर खुशियां बांटने पर ध्यान देती है।वे खुलकर कहते हैं, “हम होली की पूजा नहीं करते। हमारे लिए यह लोगों के साथ खुशियां साझा करने का त्योहार है।” अपनी जड़ों से जुड़े रहते हुए, यह दंपति सिंधी पारंपरिक व्यंजन जैसे घेवर और भुजिया बांटने की खूबसूरत परंपरा निभाता है। ये त्योहार की मिठाइयां वे प्यार से अपने दोस्तों, परिवार और उनके साथ काम करने वाले सभी लोगों को बांटते हैं,जिससे यह उत्सव सबके लिए खास और आभार से भरा बन जाता है।उनकी होली सिर्फ मिठाइयों तक सीमित नहीं है, बल्कि साथ बिताए पलों की खुशी भी इसमें शामिल है। यह जोड़ी अपने करीबी दोस्तों और परिवार के साथ हंसी-खुशी भरे समारोहों और पार्टियों में शामिल होकर रंगों का आनंद लेती है। उनके लिए होली भव्य रस्मों से ज्यादा हंसी, रंगों और यादगार लम्हों का नाम है।
आज के समय में जब त्योहार कभी-कभी बहुत भव्य और दिखावटी हो जाते हैं, प्रीति और परवीन का सादगी भरा अंदाज़ दिल को छू लेने वाला है। उनका जश्न हमें याद दिलाता है कि होली का असली मतलब है,रिश्तों को संजोना, खुशियां बांटना और मिठास के साथ जीवन का उत्सव मनाना।
