
इन्दौर। श्री वैश्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में शुरू हुआ दीक्षांत समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसके युवा हैं और वही देश के समग्र व प्रगतिशील भविष्य का निर्माण करेंगे। देश के समग्र एवं प्रगतिशील भविष्य के निर्माण की जिम्मेदारी आज युवा ही उठा रहे हैं। भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसके युवाओं की ऊर्जा और क्षमता है।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अपने प्रेरक संबोधन में युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसके युवाओं की ऊर्जा, क्षमता और नवाचार है, जो राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सक्षम है।
ओम बिरला ने अपने संबोधन में कहा कि
ऐसे संस्थान राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में अध्ययन का अवसर मिला। युवाओं से उन्होंने आह्वान किया कि वे अपनी ऊर्जा और क्षमता का उपयोग देश के विकास के लिए करें।
सांसद शंकर लालवानी ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और सामाजिक पहल की सराहना की। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा संस्थान युवाओं में आत्मनिर्भरता का भाव विकसित कर रहे हैं।
जल संसाधन मंत्री और सांवेर विधायक तुलसीराम सिलावट ने विद्यार्थियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि शिक्षा हर समस्या का समाधान है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट पेशेवर बनने के साथ-साथ एक संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक बनना भी उतना ही जरूरी है।
कार्यक्रम को लेकर श्री वैष्णव विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पुरुषोत्तमदास पसारी और कुलगुरु प्रो. डॉ. योगेश गोस्वामी ने खुशी जाहिर की और लोकसभा की मौजूदगी को बड़ा महत्वपूर्ण और प्रेरणादाई क्षण बताया। इस दौरान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध पहलों, प्लेसमेंट तथा गत वर्ष की संस्थागत प्रगति पर भी प्रकाश डाला गया।
दीक्षांत समारोह में स्नातकोत्तर और स्नातक कोर्स के 2008 विद्यार्थियों तथा 32 पीएचडी शोधार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गई। वहीं लोकसभा स्पीकर ने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए 16 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया।
