
छतरपुर। नौगांव की सुबह आज सामान्य नहीं थी। बोर्ड परीक्षा का उत्साह था, सपनों की चमक थी, लेकिन कुछ ही पलों में एक तेज रफ्तार ने सब कुछ छीन लिया। कक्षा 10वीं की होनहार छात्रा दीपा अहिरवार परीक्षा देने घर से निकली थीं, परंतु वह अपने केंद्र तक पहुँच ही नहीं सकीं। ईसानगर चौराहे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने उनकी जीवन यात्रा को असमय विराम दे दिया।
दीपा, पिता विनोद अहिरवार, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नौगांव की मेधावी छात्रा थीं। उनका विज्ञान विषय का पेपर सरस्वती उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नौगांव में निर्धारित था। सुबह वह अपनी सहेलियों के साथ ई-रिक्शा में बैठकर परीक्षा केंद्र के लिए रवाना हुईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ईसानगर चौराहे के पास अचानक तेज रफ्तार बाइक ने ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ई-रिक्शा पलट गया और दीपा उसके नीचे दब गईं। सिर में आई गंभीर चोट उनके लिए जानलेवा साबित हुई।
स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में यह खबर सुनते ही परिजनों का विलाप माहौल को और भी दर्दनाक बना गया। पिता ने रुंधे गले से कहा कि उनकी बेटी बड़े सपने देखती थी—पढ़-लिखकर कुछ बनना चाहती थी।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार बाइक सवार की तलाश की जा रही है। यह हादसा केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है कि सड़क पर लापरवाही किसी के सपनों की कीमत बन सकती है।
