नीरज कुमार मिश्रा भोपाल। राजधानी के प्रमुख चौराहों पर आटो और ई-रिक्शा चालक सवारियां भरने के लिए सड़कों पर आए दिन जाम की स्थिति पैदा कर रहे हैं. बोर्ड आफिस, नादरा बस स्टैंड, कोलार डी-मार्ट, ललिता नगर सहित प्रमुख चौराहों पर यह समस्या अब आम हो गई है. बोर्ड आफिस चौराहे से प्रगति चौराहे की तरफ जाने वाले मार्ग पर खास तौर पर शाम के समय सवारी भरने वाले यह छोटे वाहन आधी से ज्यादा सड़कों पर कब्जा बनाकर रखते हैं. इससे जहां सड़क दुर्घटनाएं होने की आशंका बढ़ जाती है, वहीं ट्रैफिक जाम की समस्या हर रोज पैदा हो रही है. इसी मार्ग के टर्निंग प्वाइंट पर यह वाहन चालक कतार से अपने वाहनों को खड़े रखते हुए सवारियां भरने की होड़ में नजर आते हैं. देर शाम को पीक आवर्स में लोग निकलते हैं, तो उन्हें लंबे जाम की समस्या का सामना हर रोज करना पड़ रहा है. नवभारत इस समस्या को लगातार प्रमुखता से उठाता आ रहा है.
बोर्ड आफिस चौराहे से कोलार, 12 नंबर, न्यूमार्केट, माता मंदिर, बिट्ठल मार्केट जाने वाले सवारी आटो चालक सवारियां भरने के लिए मेन सड़क पर अपने वाहनों को देर तक खड़े रखते हुए ओवरलोडिंग करते नजर आते हैं. इस दौरान ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी नदारद रहते हैं, जिससे इन सवारी वाहनों के चालकों के हौंसले भी बढ़े हैं और वह अपने मनमुताबिक जाम के हालात पैदा करते हैं.
ट्रैफिक जाम की समस्या को लेकर ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी भी समय-समय पर आटो और ई-रिक्शा चालकों पर कार्रवाई कर चुके हैं. इसके बावजूद भी समस्या का निराकरण अभी तक नहीं हो पाया है. चौराहे पर वैध पार्किंग की सुविधा कहीं नजर नहीं आती है. इसके चलते यह सवारी वाहन चालक अपनी मनमानी हर रोज कर रहे हैं.
पुलिस कंट्रोल रूम तक भी यह मामला पहुंचा है. पुलिस कमिश्नर भोपाल ने चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने को लेकर कार्रवाई होने की बात कही है. बोर्ड आफिस चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस एसीपी और इंस्पेक्टर ने भी खुद घटना स्थल पर पहुंचकर पूर्व में कार्रवाई कराई है. इसके बावजूद भी आटो और ई-रिक्शा चालकों के बर्ताव में परिवर्तन नजर नहीं आता है और वह यातायात नियमों का उलल्घंन करते हुए सड़क पर जाम की स्थिति हर रोज पैदा कर रहे हैं.
इस समस्या पर कार्रवाई होती है. मामले की जानकारी है. आगे भी कार्रवाई की जाएगी.
संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर भोपाल
