नयी दिल्ली, 26 फरवरी (वार्ता) सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक और महारत्न कंपनी भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (जीआरएसई) द्वारा निर्मित आईएनएस अंजदीप के निर्माण में जरूरी विशेष ग्रेड के स्टील की पूरी मात्रा की आपूर्ति की है।
आईएनएस अंजदीप भारतीय नौसेना में शामिल होने जा रहा तीसरा एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट कार्वेट है। इससे पहले पिछले साल आईएनएस अर्णाला और आईएनएस आंद्रोत भी शामिल किये जा चुके हैं।
सेल ने गुरुवार को एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि नौसेना के पुराने होते ‘अभय-श्रेणी’ के जहाजों के स्थान पर इन कार्वेट का निर्माण स्वदेशी रूप से किया जा रहा है। इस रणनीतिक प्रयास में योगदान देते हुए सेल ने जीआरएसई द्वारा बनाये जा रहे आठ एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट कार्वेट के लिए लगभग 3,500 टन विशेष-ग्रेड स्टील की पूरी मात्रा की आपूर्ति की है। इस स्टील की आपूर्ति सेल के बोकारो, भिलाई और राउरकेला स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों से की गई है, जो घरेलू आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती को रेखांकित करता है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह उपलब्धि रक्षा विनिर्माण में देश को आत्मनिर्भर बनाने, आयात पर निर्भरता कम करने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने के प्रति सेल की प्रतिबद्धता को उजागर करती है। पिछले कुछ वर्षों में सेल ने रक्षा स्वदेशीकरण में देश की विशेष-ग्रेड स्टील की जरूरतों को लगातार पूरा किया है और आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरि, आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस सूरत जैसी अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए स्टील की आपूर्ति की है।
