इंदौर: एमपीआरडीसी ने इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का ठेका दे दिया है, लेकिन ठेका 40/ 60 के अनुपात में दिया है. सड़क निर्माण के दौरान ठेकेदार को सरकार 40 प्रतिशत ही भुगतान करेगी. शेष 60 प्रतिशत राशि सरकार 15 साल में सड़क के रखरखाव के आधार पर देगी.एमपीआरडीसी ने इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का ठेका लुधियाना की सीगल इंफ्रास्ट्रख्र को 1089 करोड़ रुपए में दे दिया है. सड़क काम जल्द ही शुरू होने वाला है, क्योंकि जमीन अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है.
बताया जा रहा है कि किसानों को करीब 6 सौ करोड़ रुपए का मुआवजा सरकार ने मंजूर कर दिया है. सड़क निर्माण के लिए सरकार ने निर्माता कंपनी सीगल इंफ्रास्ट्रख्र को 40 और 60 के अनुपात में भुगतान की शर्त तय की है. उसी आधार पर लुधियाना की कंपनी का टेंडर मंजूर किया है. एमपीआरडीसी द्वारा इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का निर्माण अवधि में लुधियाना की कंपनी को सिर्फ 425 करोड़ रुपए का भुगतान करेगा.
शेष 664 करोड़ रुपए की राशि अगले 15 साल में दी जाएगी. इसमें 15 साल तक सड़क का रखरखाव शामिल है. सड़क निर्माण कार्य पूरा होने के बाद हर छह महीने में सरकार निर्माता कंपनी को किश्तों के अनुसार राशि का भुगतान करेगी. उक्त 15 साल के दौरान सड़क में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या रखरखाव नहीं किया जाता है तो उस स्थिति में सरकार न सिर्फ भुगतान रोकेगी, बल्कि टेंडर भी निरस्त करने की कारवाई कर सकती है.
ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सहायक होगा
ध्यान रहे कि शासन ने इंदौर से हातोद, फतियाबाद चिंतामण गणेश होते हुए उज्जैन तक नई सड़क प्रस्तावित की है. उक्त सड़क निर्माण एमपीआरडीसी द्वारा किया जाएगा. उक्त सड़क में करीब 285 हैक्टेयर जमीन की आवश्यकता है. यह सड़क 4 लेन और दो-दो लेन सर्विस रोड के साथ बनाई जाएगी. उक्त सड़क पर एक रेलवे ओवर ब्रिज फतियाबाद में बनेगा. ग्रीन फील्ड कॉरिडोर सड़क की लंबाई करीब 48 किलोमीटर है. यह सड़क बन जाने के बाद उज्जैन जाने के लिए नया रास्ता बनेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में सहायक होगा
