
सौसर। सौसर जनपद पंचायत सौसर की गुरुवार को आयोजित सामान्य सभा की बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। बैठक शुरू होते ही कांग्रेस समर्थित जनपद सदस्यों ने वॉटर फिल्टर खरीदी में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की और बैठक का बहिष्कार कर सभाकक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए।
प्रस्ताव उच्च गुणवत्ता का,सप्लाई हुई घटिया’ सामग्री
कांग्रेस सदस्यों का आरोप है कि पिछले वर्ष की बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वॉटर फिल्टर खरीदने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ था। तय योजना के अनुसार, लगभग 27 हजार रुपये प्रति नग की लागत से उच्च गुणवत्ता वाले ‘चिलर फिल्टर’ लगाए जाने थे।
सदस्यों ने आरोप लगाया कि धरातल पर जो फिल्टर लगाए गए हैं, वे बेहद घटिया स्तर के हैं। सदस्यों के मुताबिक, इन फिल्टर्स की बाजार कीमत 7 हजार रुपये से अधिक नहीं है। इस तरह करीब 40 से अधिक स्थानों पर घटिया फिल्टर लगाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है।
निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े सदस्य
हंगामे और बहिष्कार के कारण बैठक की कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी। प्रदर्शनकारी सदस्यों ने स्पष्ट किया कि जब तक इस फिल्टर घोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की जाती, उनका विरोध जारी रहेगा।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मामले की गंभीरता को देखते हुए जनपद सीईओ प्रियंक मिश्रा ने आज की सामान्य सभा को शून्य घोषित कर दिया है। नवभारत से चर्चा में श्री मिश्रा ने कहा मैंने हाल ही में पदभार ग्रहण किया है। सदस्यों द्वारा लगाए गए आरोपों को संज्ञान में लिया गया है। पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। यदि खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधितों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
