
भोपाल। वेस्ट सेंट्रल रेलवे के भोपाल मंडल कार्यालय पर कर्मचारियों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया. जिसमें भोपाल मंडल के सभी संगठन शामिल हुए. संगठनों ने केंद्र सरकार श्रम विरोधी कानून सहित अन्य मांगों को लेकर हड़ताल की. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के आव्हान पर इस हड़ताल का समर्थन एनएफआईआर, वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ ने नैतिक समर्थन किया. वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ भोपाल मंडल के महामंत्री अशोक शर्मा के नेतृत्व में कोच फेक्ट्री में सभा आयोजित की गई जहां पर श्री शर्मा ने केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों के लिए एक जुट होकर संघर्ष करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की श्रम-विरोधी नीतियों, चार श्रम कानून, ठेका प्रथा, निजीकरण यह कर्मचारी विरोधी नीति है. इन्हें वापस लेना चाहिए . राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भोपाल मंडल के गुना इटारसी भोपाल, होशंगाबाद सहित सभी स्टेशनों पर प्रदर्शन कर सभाएं आयोजित की गई.
प्रदर्शन में कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के सामने अपनी प्रमुख मांगे रखी जिसमें चार श्रम संहिताओं को रद्द करना एवं श्रमिक-विरोधी नीतियों पर रोक लगाई जाए, रेलवे में निजीकरण, ठेका प्रथा, आउटसोर्सिंग एवं संपत्ति मुद्रीकरण रोकना लगाई जाए, कर्मचारियों के हितों के लिए पुरानी पेंशन योजना शुरू की जाए, जीडीसीई को सभी के लिए खुला करना; चतुर्थ श्रेणी की सभी भर्तियाँ केवल ट्रैकमेन के रूप में हों, आठवें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाए , उत्पादकता बोनस सीमा हटाई जाए, जोखिम भत्ता बहाल किया जाए,खाली पदों को भरा जाए , समय पर पदोन्नति दी जाए एवं महिला कर्मचारियों के लिए विशेष सुविधाएँ प्रदान की जाए, डब्ल्यूसीआरएमएस की ओर से मंडल अध्यक्ष आर के शर्मा , मंडल सचिव कमलेश परिहार सहित सैकड़ो सदस्य प्रदर्शन में शामिल हुए.
