ग्वालियर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में शहर में 8 स्थानों पर जन गोष्ठियां आयोजित की गईं। जिसमें वक्ताओं ने समाज में व्यापक सुधार के लिए पंच-परिवर्तन-सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व बोध, नागरिक कर्तव्य पर जोर दिया।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विवेकानंद नगर की जन गोष्ठी फूलबाग स्थित मानस भवन में आयोजित की गई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य क्षेत्र के ग्राम विकास प्रमुख अनिल डागा ने कहा कि संघ का उद्देश्य केवल स्वयं का विस्तार करना नहीं, बल्कि पूरे समाज को साथ लेकर आगे बढऩा और लोगों में अपनी संस्कृति व पहचान (स्व) को जानने की ललक पैदा करना है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग संघचालक प्रहलाद सबनानी भी मंचासीन रहे।प्रगति विद्या पीठ, मुरार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता मध्य भारत प्रांत धर्म जागरण संयोजक नवनीत शर्मा ने कहा कि किसी भी समाज का वास्तविक विकास आपसी समरसता, नैतिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिक व्यवहार से ही संभव है। अंबेडकर नगर की एमआईटीएस इंस्टीट्यूट में आयोजित जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य भारत प्रांत के सह संपर्क प्रमुख नवल शुक्ला ने समाज में व्याप्त कुरीतियों, सामाजिक दूरी और वैचारिक भ्रम को दूर करने के लिए संवाद और सहभागिता को आवश्यक बताया।
