भारत ने U-19 वर्ल्ड कप 2026 में इंग्लैंड को हराकर छठी ट्रॉफी अपने नाम की। भारतीय टीम अंडर-19 में सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाली टीम भी बन गई है।
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया। इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर भारतीय टीम ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के खिताब पर छठी बार कब्जा जमाया। इसके साथ ही वो अंडर-19 में सबसे ज्यादा खिताब जीतने वाले टीम भी बन गई है। इस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय युवा क्रिकेट की ताकत और भविष्य की चमक को एक बार फिर साबित कर दिया है।
अंडर-19 वर्ल्ड कप अब तक कुल 16 बार आयोजित किया जा चुका है। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का पहला संस्करण 1988 में खेला गया था, लेकिन इसके बाद यह टूर्नामेंट दस साल तक आयोजित नहीं हुआ और दूसरी बार इसे 1998 में खेला गया। तब से लेकर अब तक यह टूर्नामेंट विश्वभर के युवा क्रिकेटरों के लिए सबसे बड़ा मंच बन गया है, जहां नए सितारे अपनी प्रतिभा और काबिलियत साबित करते हैं।
इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा दबदबा भारतीय टीम का रहा है। भारत अब तक अंडर-19 वर्ल्ड कप में छह बार विजेता बन चुका है और इस प्रदर्शन के साथ यह टूर्नामेंट इतिहास में सबसे सफल टीम बन गई है। भारतीय टीम ने अपना पहला खिताब 2000 में जीता था, जिसके बाद उन्होंने 2008, 2012, 2018, 2022 और अब 2026 में यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम की।
वहीं ऑस्ट्रेलिया की टीम ने अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब 4 बार जीता है। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने 1988 में पहला खिताब जीता था। उसके बाद 2002, 2010 और 2024 में इस खिताब पर कब्जा जमाया। भारत के बाद सबसे सफल टीम में ऑस्ट्रेलिया का नाम है। जिन्होंने इस वर्ल्ड कप में 4 बार खिताब जीता है। पाकिस्तान ने 2004 और 2006 में दो बार यह खिताब अपने नाम किया। वहीं इंग्लैंड (1998), दक्षिण अफ्रीका (2014), वेस्ट इंडीज (2016) और बांग्लादेश (2020) ने भी एक-एक बार यह ट्रॉफी जीती।
भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर जीता खिताब
अंडर-19 वर्ल्ड कप का फाइनल भारत और इंग्लैंड की बीच में खेला गया। जहां भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करते हुए 9 विकेट के नुकसान पर 411 रन का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया। भारतीय टीम के लिए वैभव सूर्यवंशी ने 175 रनों की पारी खेली। उसके बाद आयुष म्हात्रे ने 53 रन बनाए। जवाब में इस बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम 311 रन ही बना सकी। कैलेब फाल्कनर ने 115 रनों की पारी खेली। लेकिन वो टीम को जीत दिलाने में सफल नहीं रहे।
