वाशिंगटन | भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के तहत न्यूयॉर्क से वाशिंगटन पहुँच चुके हैं। आज वे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ एक उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुए ऐतिहासिक व्यापार समझौते के ठीक एक दिन बाद हो रही है। इस चर्चा के दौरान यूक्रेन युद्ध, मध्य पूर्व के संकट और द्विपक्षीय व्यापारिक बाधाओं को दूर करने जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर गहराई से समीक्षा की जाएगी।
बुधवार को विदेश मंत्री जयशंकर अमेरिकी विदेश मंत्री की मेजबानी में आयोजित होने वाली ‘महत्वपूर्ण खनिज मंत्रिस्तरीय बैठक’ में हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के भी शामिल होने की संभावना है। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु भविष्य की सप्लाई चेन को लचीला बनाना और तकनीकी नवाचार के लिए आवश्यक खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। भारत और अमेरिका मिलकर एक ऐसा भरोसेमंद तंत्र विकसित करना चाहते हैं जो किसी भी वैश्विक संकट के समय बाधित न हो और दोनों देशों की राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती प्रदान करे।
जयशंकर की इस यात्रा का उद्देश्य ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मिलकर रणनीतिक साझेदारी को और अधिक व्यापक बनाना है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, यह दौरा तकनीकी सहयोग और आर्थिक सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर दोनों देशों के जुड़ाव को नए स्तर पर ले जाएगा। महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को विविध बनाने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया जा रहा है। यह कूटनीतिक पहल न केवल व्यापारिक लक्ष्यों को स्पष्ट करेगी, बल्कि भविष्य की आत्मनिर्भरता और तकनीकी विकास के लिए भी निर्णायक साबित होगी।

