आष्टा। श्री राधाकृष्ण मंदिर गंज में पिछले दो माह से चल रहे मर मत एवं निर्माण कार्य में तहसीलदार द्वारा अनावश्यक हस्तक्षेप किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है. घटना को लेकर बलाई मालवीय समाज सहित नगर में रोष का माहौल बना हुआ है.
जानकारी के अनुसार 20 जनवरी को मंदिर परिसर में छत डालने का कार्य चल रहा था. इस दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बंद हो गई, जिससे निर्माण कार्य में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई. इसी समय तहसीलदार रामलाल पगारे निर्माण स्थल पर पहुंचे और मंदिर परिसर में चल रहे कार्य को रुकवाने का प्रयास किया.
आरोप है कि तहसीलदार द्वारा बलाई मालवीय समाज पंचायत के पदाधिकारियों एवं समाजजनों से अभद्र व्यवहार किया गया साथ ही निर्माण को तोडऩे की धमकी भी दी गई. समाजजनों का कहना है कि यह कार्य पूरी तरह धार्मिक आस्था से जुड़ा है और नियमानुसार मंदिर परिसर में ही किया जा रहा था. तहसीलदार के इस रवैए से नाराज होकर सकल समाज द्वारा एसडीएम नितिन टाले को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग की गई.
ज्ञापन में मांग की गई है कि तहसीलदार यह स्पष्ट करें कि वे किसकी शिकायत पर या किसके निर्देश पर मंदिर परिसर पहुंचे थे. यदि कोई शिकायत थी तो शिकायतकर्ता का नाम सार्वजनिक किया जाए और यदि बिना किसी शिकायत या आदेश के तहसीलदार द्वारा कार्रवाई की गई, तो उनके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाए. समाज का कहना है कि इस प्रकार की घटनाएं धार्मिक स्थलों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली हैं और यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई भी अधिकारी मनमानी कर सकता है. प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग समाजजनों एवं मंदिर समिति ने एसडीएम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि धार्मिक स्थलों पर अनावश्यक व्यवधान की पुनरावृत्ति न हो.
इस मामले में एसडीएम नितिन टाले का कहना है कि आज सकल समाज द्वारा ज्ञापन दिया गया है. जिसमें पूर्व से बने बलाई समाज के राधा कृष्ण मंदिर का पुनर्निमाण किया जा रहा है. जहां तहसीलदार पहुंचे थे उनकी वह क्या बात हुई जिसकी जानकारी अभी नहीं है और तहसीलदार का भी पक्ष नहीं आया है, जानकारी प्राप्त होने के बाद विधिवत कार्यवाही की जाएगी.
