
सीधी। शहर के बीच बाजार गांधी चौराहे में आज मंगलवार भोर करीब 3 बजे रेत से लोग एक बेकाबू हाईवा के पलटने से खलासी की मौत हो गई और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। बेकाबू हाईवा की चपेट में आने से डिवाइडर की ग्रिल भी टूट गई। गनीमत रही कि सबेरे- सबेरे हुए भीषण सड़क हादसे के दौरान लोगों की आवाजाही नहीं थी नहीं तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।
हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हाईवा में फंसे चालक और खलासी को बाहर निकालने जेसीबी की मदद से रेस्क्यू आपरेशन चलाया गया। पलटा हाईवा डिवाइडर से सटा था और उसका ऊपरी फाटक भी क्षतिग्रस्त होने से नही खुल रहा था। जेसीबी की मदद से केबिन में फंसे चालक और खलासी को बाहर निकाला गया। खून से सराबोर खलासी और चालक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। परीक्षण के पश्चात डियुटी डाक्टर ने खलासी को मृत घोषित कर दिया जबकि गंभीर हालत में चालक को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। बताया गया कि तेज रफ्तार रेत से लोड हाईवा क्रमांक एमपी 17 जेडएल 2035 सोनांचल बस स्टैंड की ओर से गांधी चौक की ओर गया और मोड़ में पहुंचते ही अचानक चालक हाईवा पर से नियंत्रण खो बैठा। बेकाबू हाईवा डिवाइडर से टकराया और पलट गया। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस के आने पर हाईवा में फंसे चालक और खलासी को निकालने की कवायद शुरू हुई और अस्पताल पहुंचाया गया। मृतक खलासी की शिनाख्त रोहित यादव पिता रामप्रसाद यादव निवासी बहेरा डाबर मऊगंज 30 वर्ष के रूप में हुई। वही चालक बृजेश कोल पिता छठिलाल कोल उम्र 32 वर्ष को बेहोशी हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े कर गई है।
बिखरी रेत की चोरी करने मची होड़-
हादसे के शुरुआती कुछ समय तक स्थिति सामान्य रही और लोग पुलिस के आने का इंतजार करते रहे। लेकिन जैसे ही भीड़ धीरे-धीरे छंटी, वैसे ही एक और चौंकाने वाला दृश्य सामने आया। पलटे हाईवा से सड़क में बिखरी रेत को आसपास के कुछ स्थानीय लोगों ने चोरी करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते लोग बाल्टी, बोरी और ठेलियों के जरिए रेत ले जाने लगे। महज आधे घंटे के भीतर हाईवा से गिरी अधिकांश रेत गायब हो गई।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि हाईवा पलटने के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए थे। जब लोगों को लगा कि अब कोई खतरा नहीं है और भीड़ कम हो गई, तभी कुछ लोगों ने रेत चुराना शुरू कर दिया। किसी ने भी उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की और थोड़ी ही देर में अधिकांश रेत गायब हो गई ।
इनका कहना है-
गांधी चौराहे के पास एक हाईवा दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। फंसे चालक और खलासी को अस्पताल पहुंचाया गया। सुबह
पलटे हुए हाईवा को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि आवागमन बाधित न हो। जांच की जा रही है कि यह हादसा कैसे हुआ। साथ ही रेत चोरी के मामले की भी जांच की जा रही है।
कन्हैया सिंह बघेल , थाना प्रभारी कोतवाली
