
सीधी। कांग्रेस की परिषद में अपने ही नपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी कर कांग्रेसी पार्षदों ने मोर्चा खोल गंभीर आरोप लगाये । नपाध्यक्ष से नाराज कांग्रेसी पार्षद आज नगर पालिका कार्यालय में फर्श पर धरने में बैठ कर सियासी घमासान मचा दिया।
नगर परिषद सीधी के पार्षदों ने ठप्प पड़े विकास कार्य को लेकर अध्यक्ष के खिलाफ आज मोर्चा खोल दिया । सोमवार को नगर पालिका परिषद के चार पार्षद अध्यक्ष कक्ष के सामने धरने पर बैठ कर अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा अपने कक्ष पर ही मौजूद रही।
दरअसल नगर पालिका परिषद सीधी में जबसे कांग्रेस की परिषद आई है तबसे लगातार कुछ न कुछ मामला सामने आता रहा है। अभी अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के बीच छिड़ी जंग का पटाक्षेप किसी तरह न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद हुआ, लेकिन उपाध्यक्ष का मामला शांत होते ही परिषद के कर्मचारी अध्यक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर उतर आए थे, अब एक बार फिर नगर पालिका परिषद सीधी का सियासी पारा चढ़ गया है, कांग्रेस पार्टी से चुनाव जीतकर आए चार पार्षदों ने अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा पर विकास कार्य में अवरोध पैदा करने का आरोप लगाते हैं धरने पर बैठ गए हैं। नाराज पार्षदों ने अध्यक्ष मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए विकास करो या इस्तीफा दो की मांग पर अड़े रहे। यह धरना प्रदर्शन सोमवार को दोपहर 02 बजे से शुरू हुआ जो शाम 6 बजे गोपद बनास एसडीएम राकेश शुक्ला के मौके पर आकर समझाइश देने पर समाप्त हुआ। कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता एवं नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 13 की पार्षद कुमुदनी सिंह चौहान ने धरने के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए अध्यक्ष के विकास कार्यों में अवरोध पैदा करने का आरोप लगाया है। पार्षद कुमुदनी सिंह ने कहा कि बीच में उपाध्यक्ष दान बहादुर सिंह चौहान के द्वारा हम लोगों के वार्डो में कई निर्माण कार्य स्वीकृत कराए थे, लेकिन फिर कार्य ठप्प हो गए। अध्यक्ष द्वारा स्वीकृत कराए गए कार्यों को भी रोक दिया गया है। जनता ने हम लोगों पर विश्वास जताया है लेकिन हम विश्वास पर खरे नहीं उतर रहे हैं, जिसके चलते यह धरना प्रदर्शन किया जा रहा था।
अध्यक्ष की तानाशाही से विकास कार्य बाधित : कुमुदनी
पार्षद श्रीमती कुमुदिनी सिंह ने कहा कि नगर पालिका में अध्यक्ष की तानाशाही से हमारे वार्ड क्रमांक 13 का विकास रुका हुआ है। जो काम स्वीकृत हुआ वह भी नहीं हो पा रहा है। साथ ही अन्य कामों में भी ग्रहण लगा हुआ है। अध्यक्ष की तानाशाही से विकास कार्य रुका हुआ है। जिस वजह से हम लोग धरने में बैठे ।
विकास को भूल चुकी हैं अध्यक्ष: सोनम
वार्ड क्रमांक 17 की पार्षद सोनम सोनी ने बताया कि नगर पालिका में समस्याओं का अंबार है। मेरे वार्ड में अध्यक्ष द्वारा कोई पहल नही की जाती। जिस वजह से हम धरने में बैठे हैं। उनके द्वारा नगर के विकास को लेकर कोई पहल नही होती है। ऐसे में कब तक पार्टी में रहकर अध्यक्ष का गुणगान करूंगी। यही वजह है कि हम धरने में बैठकर अध्यक्ष के खिलाफ विरोध शुरू किए हैं।
वार्ड समस्याओं की अध्यक्ष कर रही अनदेखी: सीमा
वार्ड क्रमांक 18 की पार्षद सीमा सिंह ने कहा कि नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा को वार्ड की समस्या को लेकर कोई मतलब नहीं रहता। जनता मुझे ही सुनाती है। ऐेसे में हम क्या करें। मजबूरी पर अध्यक्ष के खिलाफ धरने में बैठी हूं।
सुधार नही हुआ तो करेंगे आमरण अनशन: हल्के
नपा के निर्दलीय पार्षद वार्ड क्रमांक 06 हल्के सोनी ने कहा कि अभी तो हम धरने में बैठे हैं यदि इसके बाद भी अध्यक्ष सुनवाई नहीं करतीं तो आमरण अनशन भी करने को लेकर मजबूर होंगे। अध्यक्ष की तानाशाही समझ से परे है। हम जिस वार्ड में निर्वाचित हुए हैं वहां का विकास करना मेरा दायित्व है। इसमें अध्यक्ष की लापरवाही से हम लोग परेशान हैं।
बैठकर निर्णय लेने से होगा समाधान: काजल
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती काजल वर्मा ने कहा कि मेरे खिलाफ नगर पालिका के सामने मुर्दाबाद के नारे लगाये जा रहे है। जबकि पार्षदों को साथ में बैठकर समस्या रखनी चाहिए, उसी से समाधान होगा। जिनकी जो समस्या है उसका निराकरण नगर पालिका द्वारा किया जाएगा लेकिन यह तरीका मेरे हिसाब से अच्छा नहीं है।
