
धार। जिले की धरमपुरी विधानसभा से भाजपा विधायक कालूसिंह ठाकुर ने खुद को कथित ब्लैकमेलिंग का शिकार बताते हुए प्रशासनिक निष्क्रियता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधायक का आरोप है कि एक महिला और उसके सहयोगी द्वारा उन्हें झूठे आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलने की कोशिश की जा रही है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
बुधवार को धार में आयोजित पत्रकार वार्ता में विधायक ठाकुर ने कहा कि यह मामला केवल व्यक्तिगत उत्पीड़न तक सीमित नहीं है, बल्कि जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा और प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है। उनके अनुसार ग्राम गवलियावाड़ी निवासी दीपिका ठाकुर और उसका साथी आसिफ अली उन्हें हनी ट्रैप में फंसाने का प्रयास कर रहे हैं और गाड़ी-घोड़े सहित लगभग दो करोड़ रुपये की मांग की गई है।
विधायक ने बताया कि 23 दिसंबर को संबंधित महिला धामनोद स्थित उनके कार्यालय पर मदद मांगने पहुंची थी, उस समय वे भोपाल में थे। बाद में महिला ने भोपाल में किराए का मकान लेने और आर्थिक सहायता की बात कहते हुए उनसे संपर्क किया। भोपाल स्थित आवास पर पहुंचकर महिला ने 15 हजार रुपये मांगे, जिसे देने से उन्होंने इनकार कर दिया। इसके कुछ समय बाद ही कथित रूप से धमकी भरे फोन आने लगे।
ठाकुर का आरोप है कि महिला और उसके साथी ने उन्हें गाली-गलौज करते हुए झूठे केस में फंसाने की बात कही और भारी रकम की मांग दोहराई। इसके बाद उन्होंने इंदौर आईजी, धार पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया और लिखित शिकायत भी सौंपी।
विधायक ने यह भी कहा कि शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि उक्त युवक पूर्व में भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है और क्षेत्र के अन्य लोगों को भी झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रच रहा है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पत्रकार वार्ता में विधायक ठाकुर ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को भी पूरे मामले की जानकारी दी है। 35 वर्षों से सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के आरोप और प्रशासनिक उदासीनता से उनकी छवि और जनप्रतिनिधियों पर लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को और बड़े स्तर पर उठाने को मजबूर होंगे।
