नई दिल्ली | 14 जनवरी, 2026: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ा झटका देते हुए एटीएम ट्रांजैक्शन से जुड़े सर्विस चार्ज में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। बैंक के अनुसार, एटीएम और डिपॉजिट मशीनों (ADWM) पर लगने वाली इंटरचेंज फीस में वृद्धि होने के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। अब नॉन-एसबीआई एटीएम (दूसरे बैंक के एटीएम) का इस्तेमाल करना पहले के मुकाबले महंगा हो जाएगा। यह नया नियम उन ग्राहकों को विशेष रूप से प्रभावित करेगा जो अपनी निर्धारित फ्री लिमिट खत्म होने के बाद भी अन्य बैंकों के एटीएम से कैश निकासी करते हैं।
नए नियमों के तहत, सेविंग अकाउंट धारकों को महीने में मिलने वाली 5 फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा पहले की तरह जारी रहेगी, लेकिन इसके बाद प्रति कैश निकासी पर अब 21 रुपये के बजाय 23 रुपये प्लस GST देना होगा। सबसे बड़ा बदलाव सैलरी अकाउंट धारकों के लिए किया गया है; पहले उन्हें मिलने वाली ‘अनलिमिटेड’ फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा अब खत्म कर दी गई है। अब सैलरी अकाउंट वालों को महीने में केवल 10 फ्री ट्रांजैक्शन ही मिलेंगे, जिसके बाद उन्हें भी बढ़ा हुआ अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ेगा।
राहत की बात यह है कि बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट (BSBD) अकाउंट रखने वाले ग्राहकों पर इस बढ़ोतरी का कोई असर नहीं पड़ेगा। साथ ही, यदि आप एसबीआई के डेबिट कार्ड से एसबीआई के ही एटीएम का उपयोग करते हैं, तो पुराने नियम और चार्ज ही लागू रहेंगे। बैंक ने सलाह दी है कि अतिरिक्त खर्च से बचने के लिए ग्राहक यथासंभव एसबीआई के ही एटीएम नेटवर्क का उपयोग करें या अपनी मासिक फ्री लिमिट के भीतर ही वित्तीय लेन-देन पूरा करने की कोशिश करें ताकि गैर-जरूरी शुल्कों से बचा जा सके।

