
इंदौर। सरकारी हत्याओं को लेकर न्याय यात्रा निकाली जा रही है। शहर की जनसुरक्षा और सहायता के लिए सभी वर्ग , राजनीतिक और गैर सरकारी संगठन से आग्रह है कि वे न्याय यात्रा में शामिल हो। महापौर ने इंदौर की पहचान को मटियामेट कर दिया । कैलाश विजयवर्गीय को इस्तीफा देना चाहिए और मुख्यमंत्री को इस्तीफा लेना चाहिए। यह बात आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पत्रकारों से कही है।
इंदौर प्रेस क्लब में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और मध्यप्रदेश प्रभारी एवं एआईसीसी महासचिव हरीश चौधरी ने आज पत्रकारों से चर्चा की । पत्रकारों को विषय की जानकारी पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने दी। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भागीरथपुरा त्रासदी में मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इंदौर को भाजपा ने क्या दिया ? संगठित रूप में हत्याओं और प्रशासन और निगम की लापरवाही के कारण हत्या हुई है। पटवारी ने सवाल किया कि इंदौर में कुएं में धंसने से 36 मौत, चूहे कुतरने से बच्चों को मौत, आग लगने से बच्चों के मौत और अब भागीरथपुरा में जहरीले पानी में 20 से ज्यादा लोगों के मौत के लिए किसकी जिम्मेदारी तय की गई । सरकार बताएं? किसी के खिलाफ कोई कारवाई नहीं हुई आज तक।
नगर निगम , सांसद , विधानसभा चुनाव में इंदौर की जनता ने भाजपा को भरोसा दिया। भाजपा ने इंदौर को क्या दिया ? 2082 करोड़ रुपए की नल जल और मल योजना की सौगात के साथ 20 लोगों की मौत का पुरस्कार।
आपने कहा ,महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इंदौर की पहचान को मटियामेट कर दिया। भाजपा की परिषद में जहर का पानी पीकर लोग मर रहे है। कैलाश विजयवर्गीय के बयान ने इंदौर को शर्मशार कर दिया। इतने गंभीर मामले पर विजयवर्गीय को इस्तीफा क्यों नहीं देना चाहिए ?
इंदौर की जनता को नलों में जहर और अस्पतालो की चीखे यह दिया है भाजपा ने इंदौर को।
पटवारी ने सवाल उठाया कि क्या आवश्यकता थी कलेक्टर को संघ कार्यालय जाने की ? जनता के प्रति जवाबदेह है या आरएसएस के प्रति?
भ्रष्टाचार का बोलबाला है। नगर निगम के पूरी परिषद और एमआईसी भ्रष्टाचार में लिप्त है। हजारों की संख्या को बीमार हुए है इसके पीछे भ्रष्टाचार मूल कारण है।
सरकार से निम्न 10 बिंदुओं पर कांग्रेस की मांग
* स्वतंत्र न्यायिक जांच,
* रिटायर्ड जज से न्यायिक जांच
* गैर इरादत हत्या का प्रकरण दर्ज हो
* पूरे शहर का वाटर ऑडिट हो
* शिकायत पर तत्काल निराकरण कैसे हो, यह तय करें।
* सिवरेज और पानी की लाइन अलग हो
* आपदा के समय जनता को सबसे पहले सुरक्षा और सहायता
* पीड़ित परिवारों को 1 करोड़ रुपए मदद की जाए
* प्रशासनिक निष्पक्षता हो
* जल स्वास्थ सुरक्षा कानून बनाए
