कपड़ा मंत्रियों के सम्मेलन में तैयार हुआ भारत को कपड़ा उद्योग का हब बनाने का रोडमैप

नयी दिल्ली, 09 जनवरी (वार्ता) कपड़ा मंत्रियों का राष्ट्रीय सम्मेलन देश के कपड़ा पारिस्थितिकी तंत्र में बदलाव लाकर देश को कपड़ा उद्योग का वैश्विक हब बनाने की नीति पर गहन विचार विमर्श के बाद शुक्रवार को समाप्त हो गया। कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने दो दिन चले सम्मेलन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि दो दिनों तक देशभर के कपड़ा मंत्रियों ने सम्मेलन में कपड़ा क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया और विश्वास जताया गया कि भारत को वैश्विक कपड़ा केंद्र बनाने के दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया जाएगा। उनका कहना था कि प्रमुख नीतिगत विचार-विमर्श और भविष्य की रूपरेखा तय करने के साथ कपड़ा मंत्रियों का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन गुवाहाटी में आज संपन्न हुआ।

न्होंने बताया कि सम्मेलन में नवाचार, स्थिरता, विरासत संरक्षण और निर्यात वृद्धि के माध्यम से भारत के कपड़ा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन में देश भर के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मंत्रियों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया। कपड़ा मंत्रियों के दूसरे दिन के सम्मेलन में आज कपड़ा निर्यात बढ़ाने, प्रतिस्पर्धात्मकता और भारत के वस्त्रों की ब्रांडिंग पर चर्चा हुई। सम्मेलन का दूसरा दिन 2030 तक देश के कपड़ा निर्यात को 100 अरब डॉलर का करने की प्रतिस्पर्धात्मकता, समर्थन, अपेक्षाओं और दृष्टिकोण पर केंद्रित थी।

सम्मेलन में एक अन्य प्रमुख सत्र में पारंपरिक वस्त्र, हथकरघा और हस्तशिल्प पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें कारीगरों और बुनकरों के लिए बाजार पहुंच, मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और आजीविका सुनिश्चित करते हुए भारत की समृद्ध कपड़ा विरासत को संरक्षित करने पर जोर दिया गया। सम्मेलन में शामिल प्रतिभागियों ने कपड़ा क्षेत्र में आय सृजन बढ़ाने के लिए योजनाओं, डिजाइन नवाचार और डिजिटल प्लेटफर्मा आदि की आवश्यकता पर बल दिया। विभिन्न राज्यों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इस दौरान केंद्र तथा राज्यों के बीच सहयोगात्मक प्रयासों के महत्व को रेखांकित करते हुए राज्यों को कपड़ा मंत्रालय की प्रमुख योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसमें बुनियादी ढांचे के विकास, प्रौद्योगिकी उन्नयन और स्थिरता-संचालित पहल सहित कई मुद्दों पर विचार विशर्म किया गया।

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