मोहनगढ़: तहसील मोहनगढ़ में पेयजल की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के बाद शासन-प्रशासन की चिंता बढ़ गई है और इसी के चलते मोहनगढ़ में भी गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। कस्बे में बीते तीन वर्षों से जल जीवन मिशन के तहत नल-जल योजना का कार्य चल रहा है, लेकिन अब तक यह पूर्ण नहीं हो सका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है। कहीं पानी की सप्लाई लाइन जमीन के ऊपर से डाली गई है तो कहीं नालियों के भीतर से पाइप बिछाए गए हैं। कई स्थानों पर पुरानी और क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों से ही नई लाइन जोड़ दी गई, जिससे जगह-जगह लीकेज हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा और विभाग तथा ठेकेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।इस संबंध में नल-जल योजना के ठेकेदार का कहना है कि जितनी राशि का टेंडर मिला था, उतना कार्य पूरा कर दिया गया है। आगे का काम नए टेंडर के बाद ही कराया जाएगा।
विधायक ने जताई चिंता
वहीं क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक सिंह राठौर ने कहा कि यदि मोहनगढ़ में दूषित पानी की सप्लाई हो रही है तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। यह मामला सीधे ग्रामीण जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग से चर्चा कर समस्या का जल्द निराकरण कराया जाएगा।
जल्द सुधरेगी व्यवस्था : पीएचई विभाग
पीएचई विभाग के जतारा एसडीओ हर्ष राय ने बताया कि मोहनगढ़ में पानी की अव्यवस्थित सप्लाई को देखते हुए उन्होंने नल-जल योजना का कार्य तत्काल रुकवा दिया था। पीडब्ल्यूडी से सड़क के बीच पाइपलाइन बिछाने की अनुमति मिल चुकी है और शीघ्र ही व्यवस्थित ढंग से पानी की आपूर्ति शुरू की जाएगी। वर्तमान में पंचायत की पुरानी पाइपलाइन से पानी दिया जा रहा है, जिसमें सुधार के लिए सरपंच और सचिव से चर्चा कर जल्द समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि दूषित पानी से होने वाली किसी भी अनहोनी को रोका जा सके।
