नई दिल्ली | 06 जनवरी, 2026: भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी पोस्ट में स्वामी ने सुझाव दिया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की आम सभा को अब यह तय करना चाहिए कि क्या प्रधानमंत्री मोदी को सक्रिय राजनीति से सेवानिवृत्त कर ‘मार्गदर्शन मंडल’ में भेज देना चाहिए। स्वामी ने चेतावनी दी कि पीएम मोदी का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रति झुकाव भारतीय लोकतंत्र और स्वयं भाजपा की आंतरिक मजबूती के लिए एक संभावित खतरा साबित हो सकता है।
स्वामी की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस हालिया बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने भारत पर सख्त टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से चर्चा के दौरान कहा था कि भारत व्यापारिक शर्तों पर उन्हें खुश करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिका जल्द ही भारतीय आयात पर भारी शुल्क बढ़ा सकता है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी दावा किया है कि ट्रंप की सख्त नीतियों के कारण ही भारत ने रूस से तेल खरीदना कम किया है। स्वामी ने इसी संदर्भ में मोदी सरकार की विदेश नीति को कमजोर बताते हुए तीखा हमला बोला है।
सुब्रमण्यम स्वामी के इस बयान ने भाजपा और संघ के भीतर हलचल पैदा कर दी है। स्वामी का आरोप है कि प्रधानमंत्री व्यक्तिगत मित्रता के कारण राष्ट्रीय हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों से समझौता कर रहे हैं। हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन विपक्षी दल इसे सरकार की विदेश नीति की विफलता के रूप में देख रहे हैं। यह विवाद ऐसे समय में गहराया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को लेकर खींचतान जारी है और वैश्विक स्तर पर नए समीकरण बन रहे हैं।

