
इंदौर. नववर्ष 2026 के स्वागत को लेकर इंदौर पुलिस की सख्त रणनीति और नागरिकों के सहयोग का असर थर्टी फर्स्ट की रात साफ नजर आया. शहर में नया साल शांतिपूर्ण और उल्लासपूर्ण माहौल में मनाया. पूरी रात कोई बड़ी अप्रिय घटना या गंभीर दुर्घटना सामने नहीं आई.
पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में इंदौर पुलिस ने पहले से ही व्यापक तैयारी कर ली थी. 31 दिसंबर की रात शहरभर में दो हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे. चारों जोन में सौ से ज्यादा चैकिंग पाइंट्स लगाए गए, जहां डीसीपी, एडीशनल डीसीपी, एसीपी और थाना प्रभारी खुद मौजूद रहकर निगरानी करते रहे. थानों का 60 प्रतिशत से अधिक बल फील्ड में रहा. ड्रोन, नाइट विजन और हाई रिजॉल्यूशन कैमरों से भी लगातार नजर रखी गई.
शहर में आउटर और इनर सर्कल की व्यवस्था लागू कर बाहरी क्षेत्रों से नशे की सप्लाई रोकने पर फोकस किया. मोबाइल टीमें लगातार पेट्रोलिंग करती रहीं. पब, बार और आयोजनों को तय समय पर बंद कराया. महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शक्ति मोबाइल और महिला पीसीआर को अलग अलग क्षेत्रों में तैनात किया. नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया. पुलिस ने 334 वाहन चालकों को शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़ा, जिनमें 204 दोपहिया और 130 चारपहिया चालक शामिल हैं. इनके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई. सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों पर भी आबकारी अधिनियम के तहत 10 प्रकरण दर्ज किए. इसी दौरान पुलिस ने अवैध हथियार लेकर घूम रहे तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया. विभिन्न मामलों में वांछित 44 गैर जमानती वारंटियों को भी पकड़ा. पुलिस की सख्त चैकिंग, लगातार निगरानी और पहले से की गई तैयारियों का नतीजा यह रहा कि थर्टी फर्स्ट की रात इंदौर में नया साल सुरक्षित, शांतिपूर्ण और बिना किसी बड़े विवाद के मनाया गया.
