जबलपुर: खितौला थाना क्षेत्र में 11 नवम्बर को फिल्मी स्टाइल में हुई रेत कारोबारी की हत्या के मामले में पुलिस की टीमें मुख्य आरोपी अस्सू की तलाश में है जिसके इशारे पर वारदात हुई थी। जिसकी तलाश में नागपुर तक में छापेमारी हो चुकी है लेकिन पुलिस आरोपी को नहीं ढूंढ पा रही है जबकि दो शूटरों समेत तीन को पूर्व में जेल भेजा जा चुका है। मुख्य आरोपी लगातार पुलिस को चमका देने मेें सफल हो रहा है।
विदित हो कि धमेन्द्र सिंह ठाकुर (चिंटू) पिता रणजीत सिंह ठाकुर 42 वर्ष निवासी वार्ड नं. 17 का रेत कारोबारी था। 11 नवम्बर को दोपहर वे अपनी मोटर सायकिल से बारीबहु स्टेडियम से खितौला बाजार जाने के लिए निकला था सिहोरा-खितौला रोड पर दोपहर डेढ़ बजे मोटर सायकिल से दो बदमाश पहुंचे उसे घेरकर गिरा दिया इसके बाद दनादन तीन गोलियां दागकर उसकी हत्या कर दी थी।
विरोध में परिजनों ने प्रदर्शन किया था। वारदात सीसीटीव्ही कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने शेखर बर्मन पिता रवि बर्मन 22 वर्षीय निवासी सिहोरा, लवि तिवारी पिता सोम तिवारी 20 वर्षीय निवासी रीवा को गिरफ्तार किया था जिन्होंने दनदान फायरिंग की थी। दोनों को पुलिस ने रिमांड पर लिया था। धमेन्द्र की सिहोरा गौरेया मोहल्ला निवासी आशीष विश्वकर्मा उर्फ अस्सू से रंजिश थी। अस्सू ने दस साल पहले भी धर्मेन्द्र पर फायरिंग कर उसकी हत्या की कोशिश की थी। धर्मेन्द्र घायल हो गया था।
उस वक्त पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। मामले में न्यायालय से अस्सू को सजा भी सुनाई थी। इसके बाद आरोप है कि अस्सू ने ही हत्या की साजिश रची है। पुलिस ने अस्सू को भी आरोपी बनाया। इसके साथ ही जांच में यह बात सामने आई कि हर्ष ने साक्ष्य छिपाये थे। आरोपियों के मोबाइल को रखा था। जिसे भी आरोपी बनाने के साथ गिरफ्तार किया गया। रिमांड खत्म होने पर दोनों शूटरों समेत हर्ष को जेल भेजा जा चुका है लेकिन अस्सू अब भी फरार है जिसकी गिरफ्तारी अब पुलिस के लिए चुनौती बन गई है।
