भोपाल: मंच पर एक अभिनेता और सामने पूरा युग। भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन, विचार और संवेदनाएं रंगमंच पर तब सजीव हो उठीं। जब शनिवार शाम शहीद भवन के सभागार में एकल नाट्य प्रस्तुति मेरी यात्रा अटल यात्रा का मंचन किया गया। संवाद, कविता और भावाभिनय के माध्यम से दर्शकों ने अटलजी को केवल राजनेता नहीं बल्कि कवि हृदय और राष्ट्र को समर्पित व्यक्तित्व के रूप में महसूस किया।
नाटक में अटलजी के संघर्ष, संकल्प और देशप्रेम को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। अभिनेता विपिन कुमार ने अटल बिहारी वाजपेयी की भूमिका निभाते हुए उनके व्यक्तित्व की गंभीरता, संवेदना और ओज को मंच पर उतारा। नाटक में प्रस्तुत कविताओं और विचारों के माध्यम से अटलजी का जीवन दर्शन दर्शकों तक सीधे पहुंचा। नाटक में अटल जी की कविता हार नहीं मानूंगा, रार नई ठानूंगा जैसी पंक्तियों पर सभागार में बैठे दर्शकों की नजरें मंच पर टिकी रही।
मानो स्वयं अटल अपनी कविता को कहते हुए दर्शक के समक्ष हैं। प्रस्तुति में प्रकाश और संगीत का संयमित प्रयोग नाटक की आत्मा को और गहराई देता नजर आया। एकल अभिनय की चुनौती को कलाकार ने पूरे आत्मविश्वास के साथ निभाया। नाटक में अटलजी की शुरुआती संघर्ष यात्रा से लेकर उनके राष्ट्रनायक बनने तक के पड़ावों को प्रभावी दृश्यात्मक भाषा में प्रस्तुत किया गया।नाटक का लेखन निर्देशन और निर्माण चंद्रभूषण सिंह द्वारा किया गया। उन्होंने अटलजी को एक विचार और एक युग की आवाज के रूप में मंच पर प्रस्तुत किया।
