नयी दिल्ली, 05 सितंबर (वार्ता) वैश्विक साख निर्धारक एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पूअर्स (एसएंडपी) ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की क्रेडिट रेटिंग ‘बीबीबी प्लस’ से बढ़ाकर ‘ए माइनस’ कर दी है और आउटलुक स्थिर रखा है।
ग्लोबल रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, उपभोक्ता आधारित कारोबार खासतौर पर डिजिटल सेवाओं और रिटेल से लगातार मजबूत होता नकदी प्रवाह कंपनी की कमाई को अधिक स्थिर बना रहा है, जिससे रिलायंस के राजस्व की गुणवत्ता में सुधार दिख रहा है।
उसने बताया है कि वित्त वर्ष 2026 तक रिलायंस के कुल परिचालन नकदी प्रवाह में करीब 60 प्रतिशत योगदान डिजिटल और खुदरा कारोबार का रहेगा, जबकि शेष 40 प्रतिशत ऑयल-टू-केमिकल्स और ऑयल-गैस से आयेगा। इससे साफ है कि कंपनी की कमाई अस्थिर होते हाइड्रोकार्बन कारोबार से हटकर अधिक भरोसेमंद उपभोक्ता क्षेत्रों की ओर बढ़ रही है।
एसएंडपी ने कहा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का परिचालन लाभ मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में 1.95 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
रेटिंग एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जियो से दूरसंचार कारोबार की वृद्धि तेज होगी और यह रिलायंस की कमाई का एक प्रमुख कारक बना रहेगा।
एजेंसी के अनुसार, रिलायंस का खुदरा कारोबार भी नकदी प्रवाह को मजबूत और संतुलित बना रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में खुदरा से करीब 27,000 करोड़ रुपये के परिचालन लाभ का अनुमान है जिससे कंपनी की कुल कमाई में इसकी हिस्सेदारी लगभग 14 प्रतिशत तक पहुंच जायेगी। देशभर में नये रिटेल स्टोर्स के तेजी से विस्तार और मजबूत आपूर्ति-श्रृंखला के चलते यह कारोबार अब रिलायंस की कमाई का एक भरोसेमंद स्तंभ बनता जा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि रिलायंस आने वाले वर्षों में रिन्यूएबल और नवीन ऊर्जा कारोबार में पूंजी निवेश बढ़ा सकती है। फिलहाल ये कारोबार कमाई में योगदान नहीं दे रहे हैं, लेकिन अगले पांच वर्षों में ये विकास के बड़े कारक होंगे। एसएंडपी ने यह भी दोहराया कि रिलायंस की रेटिंग भारत सरकार की रेटिंग से दो पायदान ऊपर बनी हुई है।
एसएंडपी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की रेटिंग बढ़ायी
