
जबलपुर। मुख्यालय मध्य भारत एरिया के अंतर्गत जबलपुर मिलिट्री स्टेशन में 3 दिसम्बर 2025 को जम्मू-कश्मीर राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर और 1 सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर के अग्निवीरों की छठे बैच की पासिंग आउट परेड भव्यता के साथ आयोजित की गई। दोनों केंद्रों से कुल 1113 अग्निवीर और 441 टेरिटोरियल आर्मी (टीए) सैनिक भारतीय सेना को समर्पित हुए। पूरे समारोह में सैन्य अनुशासन, जोश और गौरव की झलक देखने को मिली। जम्मू-कश्मीर राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर में परेड की समीक्षा कमांडेंट ब्रिगेडियर राकेश शर्मा ने की, वहीं 1 सिग्नल ट्रेनिंग सेंटर की परेड का निरीक्षण कमांडेंट ब्रिगेडियर टी. सुरेश ने किया। सैन्य अधिकारियों, जेसीओ, सैनिकों और प्रशिक्षणार्थियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक प्रेरणादायी बनाया।
31 सप्ताह के कठोर प्रशिक्षण का सफल समापन
दोनों कमांडेंट्स ने अग्निवीरों को तिरंगे के प्रति अपनी शपथ को जीवनभर निभाने की प्रेरणा दी। उन्होंने 31 सप्ताह के कठिन प्रशिक्षण के दौरान प्रदर्शित अनुशासन, धैर्य और दृढ़ता की सराहना की। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अग्निवीरों को विशेष सम्मान भी प्रदान किया गया। प्रशिक्षण पूर्ण करते ही सभी अग्निवीर अब देश की उत्तरी, पूर्वी और पश्चिमी सीमाओं पर अपनी-अपनी यूनिटों में तैनात होंगे।
पवित्र ग्रंथों पर शपथ—भारत की एकता का प्रतीक
अग्निवीरों ने गीता, कुरान, गुरु ग्रंथ साहिब और बाइबल पर हाथ रखकर देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा की शपथ ली। यह क्षण भारत की धर्मनिरपेक्ष विरासत और सैन्य एकता का अद्भुत उदाहरण बना। परेड ग्राउंड में ‘भारत माता की जय’ और रेजिमेंटल युद्धघोषों की गूंज ने वातावरण को ऊर्जा से भर दिया।
माता-पिता को मिला ‘गौरव पदक’
समारोह में उपस्थित अग्निवीरों के माता-पिता ने गर्व से अपने पुत्रों को पासिंग आउट होते देखा। राष्ट्र सेवा के प्रति उनकी अमूल्य भूमिका और त्याग के सम्मान में प्रशिक्षण केंद्रों द्वारा उन्हें ‘गौरव पदक’ प्रदान किया गया, जिसने समारोह को और भी भावुक और यादगार बना दिया।
